ज्योर्तिमठ के नृसिंह मंदिर में देवीभागवत कथा का शुभारंभ,
चैत्र नवरात्रि पर नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन शुरू

ज्योर्तिमठ (19 मार्च): ज्योर्तिमठ स्थित नृसिंह मंदिर परिसर में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के तत्वावधान में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर देवीभागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के पहले दिन कथा के महात्म्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। आयोजन का समापन 28 मार्च को जल यात्रा के साथ होगा।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अपने संदेश में हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। कथा का विधिवत शुभारंभ उपाध्यक्ष विजय कपरवाण और वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचंद्र गौड़ द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया। कथा व्यास और बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी आचार्य स्वयंबर सेमवाल ने देवीभागवत के महत्व का वर्णन करते हुए बताया कि यह ग्रंथ व्यक्ति को धर्म, भक्ति और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करता है। कथा श्रवण से कष्टों का निवारण होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।
प्रथम दिवस की कथा में देवी की महिमा, उनकी शक्ति और भक्तों पर उनकी कृपा से जुड़े कई प्रसंग सुनाए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। महिला मंगल दल द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए, जिसके बाद भव्य आरती का आयोजन हुआ और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर वेदपाठी आचार्य रविंद्र भट्ट, पंडित हितेश सती और आचार्य वाणीविलास डिमरी सहित अन्य आचार्यों ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई। मुख्य यजमान अनिल नंबूदरी और अजय सती सहित बीकेटीसी के पदाधिकारी, अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में बीकेटीसी सदस्य विनीत पोस्ती, पूर्व सदस्य अरुण मैठाणी, कुशलानंद बहुगुणा, राजेंद्र चौहान, विजेंद्र बिष्ट, कुलदीप भट्ट, जगमोहन बर्त्वाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।