उत्तराखंड के जिला सहकारी बैंकों में घोटाले की खबरें भ्रामक,
केवल तकनीकी त्रुटियों का मामला: सहकारिता विभाग

देहरादून, 19 मार्च 2026: उत्तराखंड के सहकारी बैंकों में कथित घपले को लेकर प्रकाशित खबरों को सहकारिता विभाग ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। विभाग की ओर से अपर निबंधक ईरा उप्रेती ने स्पष्ट किया कि राज्य के जिला सहकारी बैंकों में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
उन्होंने जानकारी दी कि आयकर विभाग द्वारा की गई जांच केवल स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (SFT) रिटर्न के सत्यापन से संबंधित थी। इस प्रक्रिया के तहत बैंकों द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए वित्तीय लेनदेन के डाटा की तकनीकी जांच की जाती है।
इसी क्रम में 30 दिसंबर 2025 को आयकर विभाग, देहरादून की टीम ने जिला सहकारी बैंक लिमिटेड गढ़वाल (कोटद्वार) के मुख्यालय में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक के SFT रिटर्न की जांच की। जांच के दौरान सभी आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए गए। इसमें पाया गया कि रिटर्न दाखिल किए गए थे, लेकिन कुछ तकनीकी त्रुटियां थीं, जिन्हें समय सीमा के भीतर संशोधित कर दिया गया और अब कोई आपत्ति लंबित नहीं है।
इसके अलावा 17 मार्च 2026 को जिला सहकारी बैंक लिमिटेड हरिद्वार (बीटी गंज, रुड़की) में भी आयकर विभाग द्वारा नियमित सर्वे किया गया। यहां भी SFT रिटर्न से संबंधित डाटा की जांच में कुछ तकनीकी खामियां सामने आईं, जिन्हें सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अपर निबंधक ने साफ किया कि पौड़ी, उत्तरकाशी और हरिद्वार के जिला सहकारी बैंकों में किसी प्रकार का वित्तीय घोटाला नहीं हुआ है। मामला केवल SFT रिटर्न के डाटा अपलोड और तकनीकी त्रुटियों से जुड़ा है, जिसका समाधान नियमानुसार किया जा रहा है।
सहकारिता विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।