चुनावी महासंग्राम 2026: बंगाल-असम में भाजपा की प्रचंड जीत, तमिलनाडु में ‘विजय’ का शंखनाद और केरल में सत्ता परिवर्तन.
नई दिल्ली | 4 मई, 2026
भारत के पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—के विधानसभा चुनावों के परिणाम आज स्पष्ट हो गए हैं। लगभग 25 करोड़ मतदाताओं के फैसले ने देश की राजनीतिक दिशा में एक नया मोड़ ला दिया है। जहाँ उत्तर-पूर्व और पूर्व में भाजपा का दबदबा बढ़ा है, वहीं दक्षिण भारत में क्षेत्रीय समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
![]()
पश्चिम बंगाल: दीदी के गढ़ में ‘कमल’ का उदय
पश्चिम बंगाल में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। शुरुआती रुझानों से ही भाजपा ने जो बढ़त बनाई, वह अंत तक कायम रही। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सत्ता विरोधी लहर और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते भारी नुकसान उठाना पड़ा है। भाजपा 294 सीटों वाली विधानसभा में पूर्ण बहुमत के जादुई आंकड़े को पार कर गई है, जिससे राज्य में पहली बार दक्षिणपंथी सरकार का रास्ता साफ हो गया है।
तमिलनाडु: डीएमके का सफाया, थलपति विजय का ऐतिहासिक उदय
तमिलनाडु के चुनाव परिणाम सबसे चौंकाने वाले रहे हैं। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके (DMK) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस बार राज्य की जनता ने द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक ध्रुवों को नकारते हुए अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कड़गम (TVK) को सर आंखों पर बिठाया है। विजय की पार्टी ने राज्य में न केवल खाता खोला, बल्कि सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
असम: हिमंता बिस्वा सरमा की हैट्रिक
असम में भाजपा का विजय रथ रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए (NDA) ने विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर जनता का भरोसा फिर से जीता है। असम में भाजपा ने अपनी सीटों की संख्या में इजाफा करते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का गौरव हासिल किया है।
केरल: यूडीएफ ने लहराया परचम
केरल की ‘पेंडुलम’ राजनीति एक बार फिर देखने को मिली। पिछले चुनाव में वामपंथी गठबंधन (LDF) ने दोबारा जीतकर इतिहास रचा था, लेकिन 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने सत्ता में वापसी की है। पिनाराई विजयन की सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर और आर्थिक मुद्दों ने कांग्रेस को मजबूती दी।
पुडुचेरी: एनडीए की वापसी
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी एनडीए (AINRC और भाजपा) ने अपनी सत्ता बरकरार रखी है। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के अनुभव और केंद्र के साथ बेहतर समन्वय के वादे ने मतदाताओं को प्रभावित किया।
विश्लेषण: 2026 के नतीजों के क्या हैं मायने?
इन चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता अब पारंपरिक राजनीति के बजाय ‘ठोस विकल्प’ और ‘नेतृत्व’ को प्राथमिकता दे रहे हैं। जहाँ बंगाल में भाजपा ने अपनी पैठ मजबूत की है, वहीं तमिलनाडु में विजय का उदय यह संकेत देता है कि दक्षिण भारत में अब नई तरह की राजनीति का दौर शुरू हो चुका है।
चुनाव आयोग के अनुसार:
-
पश्चिम बंगाल: भाजपा (165+), टीएमसी (90+), अन्य (39)
-
तमिलनाडु: TVK (120+), डीएमके (60+), एआईएडीएमके (40+)
-
असम: भाजपा+ (85+), कांग्रेस+ (35+), अन्य (06)
वोटों की अंतिम गिनती जारी है और देर रात तक सभी सीटों के आधिकारिक आंकड़े घोषित कर दिए जाएंगे।