
देहरादून। अक्सर चर्चाओं में रहने वाली बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला श्रद्धालुओं द्वारा दानपात्र में चढ़ाई गई राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। आरोप है कि मंदिरों में चढ़ावे के रूप में मिली धनराशि का इस्तेमाल नेताओं, उनके परिजनों और खास लोगों की आवभगत में किया गया।
सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए सामने आई जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी और भाजपा नेता नेहा जोशी के वर्ष 2025 में केदारनाथ प्रवास के दौरान विशेष व्यवस्थाओं और यात्रा पर दो दिनों में करीब 60 हजार रुपये खर्च किए गए।
इसके अलावा, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल समेत कई अन्य नेताओं की मेहमाननवाजी में भी बीकेटीसी के धन के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं।
मामले के सामने आने के बाद स्वयं नेहा जोशी और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से बीकेटीसी अध्यक्ष को जांच के लिए पत्र भेजा गया। इसके बाद बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित कर दी है।
चार सदस्यीय इस समिति में बीकेटीसी के सीईओ, वित्त नियंत्रक समेत दो अन्य अधिकारी शामिल हैं। समिति को पूरे मामले की गहन जांच कर 20 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीकेटीसी प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और मामले की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसे सार्वजनिक भी किया जा सकता है।
मामले ने धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के दान के उपयोग को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।