देहरादून में राहुल गांधी ने उठाया पेपर लीक का मुद्दा, छात्रों और परिवारों की पीड़ा को बताया देश की बड़ी चुनौती
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में रिया थापा के परिवार से मिले राहुल गांधी, बोले— पेपर लीक सिर्फ परीक्षा नहीं, पूरे परिवार के सपनों को तोड़ देता है

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को अपने कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ में शामिल होने देहरादून पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले कांग्रेस के दिवंगत नेता अमर मेहता के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की। अमर मेहता की गुरुवार को एक हादसे में मौत हो गई थी, जिसके चलते राहुल गांधी के कार्यक्रम के समय में भी बदलाव किया गया।
बन्नू कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस का दावा है कि इस कार्यक्रम के लिए ढाई लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक का मुद्दा प्रमुखता से उठा। शिक्षाविद् अभिनय सर ने कहा कि पेपर लीक केवल वर्तमान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने सरकारों से इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की अपील की और कहा कि केवल बयानबाजी से समाधान नहीं निकलेगा।
मंच पर देहरादून की छात्रा रिया थापा को भी याद किया गया, जिसने कथित तौर पर पेपर लीक की घटनाओं से मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। रिया की तस्वीर बड़ी स्क्रीन पर दिखाई गई और राहुल गांधी ने उनके पिता राजेश थापा को मंच पर बुलाकर उनकी आपबीती सुनी। रिया के पिता ने बताया कि उनकी बेटी रात-रात भर पढ़ाई करती थी, लेकिन पेपर लीक की खबर ने उसे गहरे सदमे में डाल दिया था।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल छात्र नहीं, बल्कि पूरा परिवार करता है। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवार अपनी बचत और कई बार कर्ज लेकर बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक होता है तो सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदें और वर्षों की मेहनत प्रभावित होती है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश में रोजगार के अवसर सीमित हैं और मैन्युफैक्चरिंग तथा निजी क्षेत्र में पर्याप्त नौकरियां नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों पर निर्भर हैं। ऐसे में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।