उत्तराखंड में मौसम साफ होते ही राहत: गोमुख-तपोवन में फंसे 121 ट्रेकर्स सुरक्षित निकाले गए, स्थगित चारधाम यात्रा पुनः शुरू
उच्च हिमाच्छादित क्षेत्रों में फंसे 136 पर्वतारोहियों के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, मार्ग खुलने से श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत

देहरादून: उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। गंगोत्री नेशनल पार्क के गोमुख और तपोवन ट्रेक पर अचानक मौसम बिगड़ने से फंसे सभी 121 ट्रेकर्स को रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। वहीं, बीते दो दिनों से स्थगित चारधाम यात्रा को भी सोमवार को धूप खिलने और मौसम अनुकूल होने के साथ ही दोबारा शुरू कर दिया गया है।
सप्ताहांत पर गोमुख-तपोवन क्षेत्र में अचानक हुई तेज बर्फबारी के कारण ट्रेकिंग पर निकले कई दल बीच रास्ते में ही फंस गए थे, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बचाव अभियान चलाया गया। हिमस्खलन के खतरे और विषम परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने सतर्कता से काम करते हुए सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित गंगोत्री धाम पहुंचा दिया, जहां से उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
दूसरी ओर, कालिंदी पास और ऑडन कोल जैसे अत्यधिक ऊंचाई वाले दर्रों के बेस कैंप में फंसे 136 अन्य पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को निकालने के लिए भी बड़े पैमाने पर हवाई रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है। हर्षिल से तीन हेलीकॉप्टरों की मदद से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कई लोगों को सुरक्षित निचले इलाकों में लाया जा चुका है और बाकी लोगों को निकालने का काम तेजी से जारी है।
मौसम साफ होने के साथ ही यमुनोत्री व गंगोत्री राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही फिर से बहाल हो गई है। पिछले दो दिनों से सुरक्षा कारणों के चलते रोकी गई यात्रा के पुनः शुरू होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी निगरानी टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है और मार्ग तथा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाई हुई है।