सेना में नौकरी का झांसा देकर युवाओं से लाखों ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार
सैन्य खुफिया इनपुट पर हुई कार्रवाई, आरोपियों से दर्जनों फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी मुहरें बरामद

चंपावत: उत्तराखंड में मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस) और भारतीय सेना में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। सैन्य खुफिया एजेंसी से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस ठगी गिरोह के दो सदस्यों को धर दबोचा है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कूट रचित दस्तावेज, विभिन्न अभ्यर्थियों के फर्जी नियुक्ति पत्र, सरकारी मुहरें और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने नौकरी के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे जाने की शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों ने अभ्यर्थियों को एमईएस में पक्की नौकरी का झांसा देकर नकद और डिजिटल माध्यमों से बड़ी रकम ऐंठी थी। फर्जी बायोमेट्रिक सत्यापन और जॉइनिंग लेटर देने के बहाने आरोपियों ने कई युवाओं को सैन्य क्षेत्र के पास बुलाया था। हालांकि, अभ्यर्थियों को जब शक हुआ और उन्होंने पूछताछ शुरू की, तो आरोपी मौके से फरार होने लगे। इसके बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से कई दर्जन अभ्यर्थियों के फर्जी जॉइनिंग लेटर, एमईएस की मुहरें, मेडिकल सर्टिफिकेट और कूट रचित दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन और खातों से लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जबकि पुलिस इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क में शामिल अन्य कड़ियों और वित्तीय लेनदेन की गहनता से पड़ताल कर रही है।