उत्तराखंड के नए राज्यपाल बने डॉ. ढाल सिंह बिसेन, नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

देहरादून: उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय व राज्य स्तरीय जनप्रतिनिधि डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने 19 अक्टूबर को देहरादून स्थित लोकभवन में राज्यपाल पद की शपथ ली। नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही।
इससे पहले रविवार शाम डॉ. बिसेन देहरादून पहुंचे थे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उत्तराखंड पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान उन्होंने पुलिस परेड का निरीक्षण भी किया। लोकभवन पहुंचने पर राज्यपाल सचिव रविनाथ रामन, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के.के. शुक्ल, सचिव प्रोटोकॉल विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, आईजी विम्मी सचदेवा रामन और अपर सचिव रीना जोशी सहित कई अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
मध्य प्रदेश की राजनीति में रहा लंबा अनुभव
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। पेशे से डॉक्टर और किसान बिसेन ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह बरघाट विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक चुने गए। वर्ष 2003 से 2005 के बीच उन्होंने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में काम किया। इसके बाद 2011 से 2013 तक वह मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बिसेन ने बालाघाट संसदीय सीट से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। वह 17वीं लोकसभा के सदस्य रहे और 2024 तक सांसद के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई।
गुरमीत सिंह के बाद नई जिम्मेदारी
उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान राज्यपाल पद पर लंबे समय तक रहने का रिकॉर्ड बनाया था। अब डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने राज्य के नए राज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है। उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश की संवैधानिक और प्रशासनिक व्यवस्था में राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।