
गंगटोक/देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सिक्किम के राज्यपाल-नामित दुष्यंत कुमार गौतम रविवार को गंगटोक पहुंच गए। वह 19 अक्टूबर 2026 को गंगटोक स्थित लोक भवन में राज्यपाल पद की शपथ लेंगे। उनकी नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड के साथ ही सिक्किम में भी राजनीतिक विरोध देखने को मिल रहा है। कांग्रेस ने इस मामले में सीबीआई जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग उठाई है।
दुष्यंत कुमार गौतम के बुरटुक हेलीपैड पहुंचने पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा की उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य, विधायक, गंगटोक नगर निगम के प्रतिनिधि और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी उनका स्वागत किया।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उठ रहे सवाल
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर गौतम की नियुक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वर्ष 2022 में 19 वर्षीय अंकिता की हत्या के बाद से ही मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग समय-समय पर उठती रही है। अंकिता के परिजनों ने भी इस मामले में सीबीआई जांच पूरी होने तक गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है।
हालांकि, इस विवाद से जुड़े आरोपों और उनकी पुष्टि के बीच अंतर करना जरूरी है। किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोप अपने आप में अपराध साबित होने का प्रमाण नहीं हैं।
गंगटोक में कांग्रेस का प्रदर्शन
दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में सिक्किम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गंगटोक में प्रदर्शन किया। पार्टी ने मांग की कि अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। कांग्रेस ने कथित वीआईपी कनेक्शन से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता भी उठाई।
विरोध और राजनीतिक मांगों के बीच अब सभी की नजरें 19 अक्टूबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर हैं। राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद दुष्यंत कुमार गौतम सिक्किम में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, अंकिता भंडारी मामले में जांच और उससे जुड़े सवालों को लेकर जारी बहस भी इस घटनाक्रम के केंद्र में बनी हुई है।