उत्तराखंड के 206 मदरसों में बदलेगी छुट्टी की व्यवस्था, अब शुक्रवार को नहीं रहेगा साप्ताहिक अवकाश

देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त और मान्यता के लिए आवेदन कर चुके मदरसों की साप्ताहिक छुट्टी की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। अब इन मदरसों में शुक्रवार के बजाय अन्य विद्यालयों की तरह निर्धारित साप्ताहिक अवकाश व्यवस्था लागू होगी। राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह व्यवस्था प्रदेश के 206 मदरसों पर लागू होगी। प्राधिकरण के अनुसार, शिक्षा विभाग से मान्यता लेने वाले संस्थानों को निर्धारित शैक्षिक नियमों और मानकों का पालन करना होगा। यह बदलाव उन मदरसों पर भी लागू होगा, जो फिलहाल मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं।
76 मदरसों को मिल चुकी है मान्यता
प्रदेश में अब तक 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है। इनमें हरिद्वार के 44, ऊधमसिंह नगर के 24, देहरादून के छह और नैनीताल के दो मदरसे शामिल हैं। इसके अलावा 114 मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है।
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के मुताबिक, प्रदेश के 206 मदरसों में पढ़ने वाले 30 हजार से अधिक बच्चे मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। इन संस्थानों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ सामान्य स्कूली शिक्षा भी दी जा रही है।
नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई
डॉ. गांधी ने बताया कि मान्यता मिलने के बाद भी कुछ मदरसों में पहले की तरह शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी जारी रखी जा रही थी। इसी व्यवस्था में बदलाव सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा महानिदेशक को पत्र भेजा गया है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत के अनुसार, जिन मदरसों को स्कूल के रूप में मान्यता दी गई है, उन्हें राजकीय विद्यालयों में लागू नियमों का पालन करना होगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इस फैसले के तहत मान्यता प्राप्त और मान्यता की प्रक्रिया में शामिल मदरसों को निर्धारित शैक्षणिक व्यवस्था के अनुरूप काम करना होगा। इसका उद्देश्य मदरसा शिक्षा को तय मानकों से जोड़ना और विद्यार्थियों को सामान्य विद्यालयी शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।