बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की पहल पर बदरीनाथ धाम के बाद आज केदारनाथ धाम सहित सभी अधीनस्थ मंदिरों में धरना समाप्त;
अस्थायी कर्मचारियों की समस्याओं का 15 दिन में निस्तारण करेगी उपसमिति
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी तथा बीकेटीसी पदाधिकारियों से गुरुवार को हुई वार्ता के बाद श्री केदारनाथ धाम में कार्यरत बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों ने अपना प्रस्तावित आमरण अनशन सहित धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण तथा मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ की अस्थायी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से दूरभाष पर वार्ता के बाद अस्थायी कर्मचारी धरना समाप्त करने पर सहमत हुए। इस अवसर पर केदारनाथ में बीकेटीसी सदस्य डॉ. विनीत पोस्ती तथा केदारनाथ के प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी मंदिर परिसर स्थित धरना स्थल पर मौजूद रह कर बातचीत में शामिल हुए।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि इससे पूर्व 27 अक्टूबर को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी एवं पदाधिकारियों के साथ बदरीनाथ धाम में हुई वार्ता के बाद बदरीनाथ धाम सहित ज्योतिर्मठ कार्यालय में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने भी अपना धरना समाप्त कर दिया था इस तरह अब सभी अस्थायी कर्मचारियों ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया बीकेटीसी ने कर्मचारियों के धरना समाप्त करने के निर्णय का स्वागत किया है।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति अस्थायी कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। कर्मचारियों की वेतनवृद्धि, आकस्मिक मृत्यु एवं सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त धनराशि, दुर्घटना बीमा तथा ईपीएफ सहित विभिन्न मांगों पर विचार के लिए उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण की अध्यक्षता में उपसमिति गठित की गयी है।
उपसमिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि धरना-प्रदर्शन में शामिल अस्थायी कर्मचारियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की विभागीय अथवा उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि गठित उपसमिति 15 दिनों के भीतर मांगों के निस्तारण की कार्यवाही करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर अस्थायी कर्मचारियों के हित में प्रस्तावित वन टाइम सेटलमेंट प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस संबंध में शासन को नए सिरे से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्थायी कर्मचारी मंदिर समिति परिवार का अभिन्न अंग हैं और उनके हितों का संरक्षण मंदिर प्रशासन की प्राथमिकता है। समिति कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
बीकेटीसी प्रशासन की अपील तथा उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती के साथ वार्ता के बाद अस्थायी कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा, मंदिरों की व्यवस्थाओं और मंदिर हित को ध्यान में रखते हुए विगत 15 दिनों से चल रहे धरना-प्रदर्शन को समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही श्री केदारनाथ धाम, श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ, कालीमठ, श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी सहित विभिन्न अधीनस्थ मंदिरों, विश्राम गृहों एवं कार्यालयों में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने भी अपना धरना समाप्त कर दिया। मंदिर समिति ने कर्मचारियों से सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
धरना समाप्ति के अवसर पर केदारनाथ में अस्थायी कर्मचारियों के प्रतिनिधि आशुतोष शुक्ला, विपिन कुमार, मनोज शुक्ला, पुष्कर रावत, रमेश कुर्मांचली, संजय पवार, योगेश शुक्ला, भोला कुंवर, शिशुपाल बजवाल, सूरज नेगी, देवेंद्र राणा, योगम्बर, दिलबर, दिलीप एवं कन्हैया सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं, बदरीनाथ धाम से अस्थायी कर्मचारी क्रमश वेदपाठी डा.अमित बंदोलिया, राकेश झिंक्वाण, रत्नेश पंवार, योगंबर नेगी, हरीश जोशी, जय श्री पंवार एवं अर्पणा बिजल्वाण ने भी कर्मचारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की उम्मीद जतायी।