प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा: 56 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “नंदा सुनंदा” के तहत आज 18 बालिकाओं को 6.17 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए। यह इस प्रोजेक्ट का 9वां संस्करण है, जिसके माध्यम से अब तक कुल 56 गरीब, अनाथ और असहाय बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया है। प्रोजेक्ट की शुरुआत से अब तक कुल 19.24 लाख रुपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प से प्रेरित यह प्रोजेक्ट गरीब और असहाय बालिकाओं को स्नातक स्तर तक शिक्षित करने और उन्हें कौशल शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस अवसर पर कहा कि यह प्रोजेक्ट निरंतर चलता रहेगा और पात्र बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित करता रहेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक बच्चे की मदद करना पूरे परिवार की मदद करना है और इससे समाज पर बहुत बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
डीएम ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे अपनी शिक्षा की ज्वाला को सदैव जिंदा रखें और कभी भी शिक्षा से समझौता न करें। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चे महापुरुषों की जीवनी पढ़ें क्योंकि उनसे मिलने वाली शिक्षा अनमोल होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि यह प्रोजेक्ट जिला प्रशासन की पहल है, लेकिन यह मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार की प्रेरणा और समर्थन से आगे बढ़ रहा है।
आज जिन 18 बालिकाओं को सहायता प्रदान की गई, उनमें हर्षिता भट्ट (बीएससी ओटीडी मेडिकल साइंस एंड रिसर्च), गौरी जेठुली (कक्षा 6), वैष्णवी जेठुली (कक्षा 3), कल्पना (कक्षा 6), अनुष्का (बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी), जोया (कक्षा 5), सानिया (कक्षा 11), आराध्या (कक्षा 2), आकांक्षा चड्ढा (एमएचए), दीपिका (बीएससी नर्सिंग), जानवी रावत (कक्षा 11), मानसी नैनवाल, प्रियांशी जैन (बीए प्रथम वर्ष), आन्हा सैफी (कक्षा 12), सेहरीश सैफी (कक्षा 9), तैयबा सैफी, सृष्टि आर्य (कक्षा 12), जैनिक खत्री (कक्षा 4), शिवांगी (बीए एंड एमसी डिजिटल), और अनिष्का कंसवाल (कक्षा 8) शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने टीम का आभार व्यक्त किया और बच्चों का हौसला बढ़ाया। संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह ने भी बालिकाओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बाल विकास विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बालिकाओं के चेहरे पर खुशी और उमंग की लहर देखते ही बनती थी। कई बालिकाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए “थैंक यू सीएम सर” कहा। यह प्रोजेक्ट न केवल बेटियों की शिक्षा को आगे बढ़ा रहा है बल्कि उनके सपनों को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।