रेखा आर्या प्रकरण: एसआईटी के सामने मंत्री के बयान दर्ज, साहू के ठिकानों से साक्ष्य जुटाने की तैयारी

देहरादून: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में गठित 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार देर शाम मंत्री के बयान दर्ज किए। जांच टीम ने मामले से संबंधित वायरल ऑडियो को भी अपने कब्जे में लिया है। अब इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मंत्री ने एसआईटी को दिए बयान में गिरधारी लाल साहू से जुड़े कई ऐसे ठिकानों का उल्लेख किया है, जहां से मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मिल सकते हैं। इन स्थानों पर उपलब्ध सामग्री का सत्यापन जांच की अगली कड़ी हो सकता है। हालांकि, इन ठिकानों से साक्ष्य मिलने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की होगी जांच
इस प्रकरण में वायरल ऑडियो को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। रेखा आर्या की ओर से इस रिकॉर्डिंग को आरोपों के संदर्भ में सामने रखा गया है, जबकि गिरधारी लाल साहू ने इसे फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार बताया है। उन्होंने मंत्री पर भी आरोप लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
अब फॉरेंसिक जांच के जरिए रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता, संभावित छेड़छाड़ और आवाज से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही ऑडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
15 अक्टूबर को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मंत्री रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, कंपनियों में निदेशक पद से हटाने के लिए कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का आरोप भी शामिल है।
जांच के दौरान कंपनियों से संबंधित दस्तावेजों, हस्ताक्षरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण महत्वपूर्ण रहेगा। एसआईटी मंत्री के बयान, वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगा।