रेखा आर्या से जुड़े SC-ST एक्ट मामले में गिरधारी लाल साहू को झटका, विशेष अदालत ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका

देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद के बीच एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। देहरादून की विशेष एससी-एसटी अदालत ने गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले में अदालत ने प्रथम दृष्टया अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधान लागू होने की संभावना को ध्यान में रखा।
सरकारी आवास पर कथित टिप्पणी का मामला
मामले में मंत्री रेखा आर्या की शिकायत के आधार पर देहरादून के कैंट थाने में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में कथित तौर पर आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, जालसाजी, उत्पीड़न और एससी-एसटी एक्ट से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि दोनों के वैवाहिक जीवन से जुड़ा विवाद घरेलू और आर्थिक प्रकृति का है। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के अनुसार, कथित जातिसूचक टिप्पणी निजी स्थान पर की गई थी, जहां आम जनता मौजूद नहीं थी।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक गोविंद सिंह ने अग्रिम जमानत का विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि कथित टिप्पणी सरकारी आवास में कर्मचारियों की मौजूदगी में की गई थी।
अदालत ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी निजी परिसर में भी अन्य लोगों की मौजूदगी में कथित अपमान किए जाने की स्थिति में ‘पब्लिक व्यू’ से जुड़े कानूनी पहलू प्रासंगिक हो सकते हैं। घटना के संबंध में कर्मचारियों की मौजूदगी और अन्य तथ्यों का आकलन साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
अदालत ने एससी-एसटी एक्ट के तहत अग्रिम जमानत पर लागू कानूनी प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए याचिका खारिज कर दी। यह फैसला अग्रिम जमानत की मांग पर है, न कि मामले में आरोपों की अंतिम सत्यता पर।
रेखा आर्या ने लगाए गंभीर आरोप
रेखा आर्या ने अपने पति पर कथित मारपीट, उत्पीड़न, विवाह से जुड़ी जानकारी छिपाने और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो भी साझा किया था, जिसके बाद मामला चर्चा में आया।
दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कथित ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए जाने का दावा किया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की। उन्होंने रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनकी संपत्ति की जांच की मांग भी की है।
SIT कर रही मामले की जांच
प्रकरण की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने रेखा आर्या के बयान दर्ज किए हैं और संबंधित दस्तावेज जुटाए हैं। अब पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।