पत्नी की हत्या के आरोपी का सामाजिक बहिष्कार, खत कोरू ने सुनाया 5 लाख जुर्माने का फरमान

देहरादून जिले के जौनसार-बावर क्षेत्र में पत्नी की हत्या के मामले को लेकर खत कोरू के ग्रामीणों ने सख्त रुख अपनाया है। कालसी ब्लॉक के कचटा गांव में हुई इस घटना के बाद खतपट्टी के 17 गांवों के लोगों ने बैठक कर आरोपी मनोज के सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया। बैठक में यह भी कहा गया कि आरोपी की कानूनी मदद करने वाले व्यक्ति पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसे खत से बाहर कर दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर को कचटा गांव में 24 वर्षीय मनोज पर अपनी 22 वर्षीय पत्नी नीलू उर्फ नीलम की दरांती से गर्दन पर वार कर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। राजस्व पुलिस ने अगले दिन उसे गांव के पास एक छानी से गिरफ्तार किया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई और मेडिकल परीक्षण के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बैठक में लिया गया सामूहिक निर्णय
घटना के बाद सोमवार को खत कोरू की खुली बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता खत कोरू के सदर स्याणा सुनील जोशी ने की। बैठक में शामिल ग्रामीणों ने घटना की निंदा करते हुए फैसला लिया कि आरोपी के परिवार का कोई सदस्य उसकी पैरवी, जमानत या गवाही में सहयोग नहीं करेगा। साथ ही, मामले में दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा देने की मांग की गई।
बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि खत का कोई व्यक्ति, आरोपी के रिश्तेदार या परिवार में ब्याही गई बेटियां उसकी मदद करती हैं, तो उन पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि आरोपी भविष्य में कानूनी प्रक्रिया के बाद छूटने की स्थिति में भी गांव और खत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
17 गांवों के ग्रामीण रहे मौजूद
बैठक में खतपट्टी के विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। सुनील जोशी ने कहा कि क्षेत्र में ऐसी हिंसक घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं है और समाज महिलाओं के सम्मान तथा सुरक्षा के प्रति गंभीर है।
जौनसार-बावर में खतपट्टी पारंपरिक सामाजिक और राजस्व व्यवस्था का हिस्सा है। खत कोरू में 17 गांव शामिल हैं, जिनमें कचटा भी एक है। यहां सामुदायिक मामलों पर निर्णय लेने के लिए खत के सदर स्याणा के नेतृत्व में बैठकें आयोजित की जाती हैं।