
देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के अजमेर से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण का वर्चुअल शुभारंभ कर दिया है. इसी क्रम में देहरादून स्थित गांधी शताब्दी चिकित्सालय में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण का शुभारंभ किया. यह टीकाकरण अभियान महिला स्वास्थ्य, किशोरियों के कल्याण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया गया है. राज्यपाल की ओर से टीकाकरण की शुरुआत किए जाने के बाद प्रदेश-व्यापी अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है.
एचपीवी टीकाकरण का शुभारंभ करने के बाद राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, ये अभियान राष्ट्र की बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में काफी संवेदनशील और दूरदर्शी पहल है. राज्यपाल ने कहा कि बेटियां राष्ट्र का भविष्य हैं और स्वस्थ नारी ही परिवार और समाज की सशक्त रीढ़ होती है.
राज्यपाल ने कहा कि, भारत सरकार की ओर से बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन मिशन शुरू किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाले सालों में महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी. राज्यपाल ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया. इस कार्यक्रम के पहले चरण में प्रदेश भर में 155 एचपीवी टीकाकरण केंद्रों को चिन्हित किया गया है, जो सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्थित है.
जानें किन्हें लगेगा टीका: इन केंद्रों पर 14 साल उम्र की पात्र किशोरियों को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर लगाया जाएगा, जिससे संक्रमण से पूर्व अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इस कार्यक्रम के तहत क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन (गार्डासिल) का उपयोग किया जा रहा है, जो एचपीवी वायरस के चार प्रकार के जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करती है. यह वही वैक्सीन है जिसकी निजी क्षेत्र में प्रति डोज की कीमत करीब 4 हजार रुपए है, लेकिन इसे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है. राज्य में कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए डॉक्टरों, नर्सों और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण पूरा हो गया है. साथ ही पर्याप्त मात्रा में टीके भी उपलब्ध हैं.
जानें क्यों है जरूरी: एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीका सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा) और गले के कैंसर के साथ जननांग मस्सों (genital warts) से सुरक्षा प्रदान करता है. भारत में महिलाओं के बीच दूसरा सबसे आम कैंसर बना हुआ है. यह टीका 9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए सबसे उपयुक्त हैजो कैंसर पैदा करने वाले वायरस के संपर्क में आने से पहले सुरक्षा देता है.