विदेश

ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमला: भारत में हवाई सेवाएं चरमराईं, सैकड़ों उड़ानें रद्द.

नई दिल्ली | 1 मार्च, 2026

​मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले ने वैश्विक हवाई यातायात को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस सैन्य टकराव का सीधा और व्यापक असर भारतीय विमानन क्षेत्र पर पड़ा है, जिसके चलते देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और हजारों यात्री बीच रास्ते में फंस गए हैं।

युद्ध की स्थिति और एयरस्पेस बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता शटलर पीवी सिंधु वर्तमान में दुबई में फंसी हुई हैं। उनके साथ ही पुणे के एक कॉलेज के 40 MBA छात्र और कर्नाटक के पर्यटकों का एक बड़ा समूह भी दुबई में अटका हुआ है। सुरक्षा कारणों से विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिल रही है।

​देशभर के हवाई अड्डों का हाल

​भारतीय हवाई अड्डों पर रविवार सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल देखा गया:

​मुंबई (CSMIA): मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 98 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एयरलाइंस ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं।

​तिरुवनंतपुरम: यहाँ 17 आने वाली और 17 जाने वाली (कुल 34) उड़ानें रद्द हुईं, जिससे केरल से खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले कामगारों को भारी परेशानी हुई।

​चंडीगढ़ और पुणे: चंडीगढ़ हवाई अड्डा अधिकारियों ने भी एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट में गंभीर बाधाओं की पुष्टि की है। यात्रियों ने घंटों इंतजार के बाद फ्लाइट कैंसल होने की शिकायत की है।

​पड़ोसी देश नेपाल पर भी असर

​यह संकट केवल भारत तक सीमित नहीं है। नेपाल के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (TIA) से संचालित होने वाली कतर एयरवेज, फ्लाई दुबई और नेपाल एयरलाइंस जैसी कंपनियों की 14 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हिमालय एयरलाइंस ने सबसे अधिक 6 उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है।

​क्यों पैदा हुई यह स्थिति?

​रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान पर हमले के बाद तेहरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और इजराइली सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। इस कारण क्षेत्र के कई देशों को अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद करना पड़ा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक युद्ध जैसी स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक रूट डायवर्जन और उड़ानों का निलंबन जारी रह सकता है।

​यात्रियों के लिए सलाह: विमानन अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर फ्लाइट का स्टेटस अवश्य जांच लें।

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