पश्चिम एशिया में भीषण युद्ध: ईरान पर अमेरिका-इस्राइल का संयुक्त प्रहार, कुवैत से इराक तक अलर्ट.

| 02 मार्च, 2026
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त सेनाओं द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए ‘ऑपरेशन रॉरिंग लायन’ के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल गहरा गए हैं। सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान एक बार फिर जोरदार धमाकों से दहल उठी, जबकि पड़ोसी देशों इराक और कुवैत में भी भीषण संघर्ष की खबरें आ रही हैं।

तेहरान में भारी तबाही, इराक के एरबिल में धमाके
ईरान की राजधानी तेहरान के विभिन्न हिस्सों में आज सुबह से ही लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनी जा रही हैं। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और इस्राइल रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। इस बीच, इराक के एरबिल हवाई अड्डे के पास भी भीषण धमाके हुए हैं। यह हवाई अड्डा अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना का प्रमुख सैन्य ठिकाना है। खबरों के मुताबिक, हवाई अड्डे के पास उड़ रहे संदिग्ध ड्रोनों को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया है।
कुवैत में अमेरिकी दूतावास पर मंडराया खतरा
कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है। दूतावास परिसर के पास धुआं देखे जाने की खबरों के बीच बयान जारी कर कहा गया है कि देश में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है। दूतावास ने अपने सभी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए हैं और अमेरिकी नागरिकों से अपनी सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करने को कहा है।
लेबनान में 31 की मौत, कतर ने बंद किया हवाई क्षेत्र
युद्ध की आग लेबनान तक भी पहुँच गई है, जहाँ इस्राइली हमलों में अब तक 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। क्षेत्र में बिगड़ते हालात को देखते हुए कतर एयरवेज ने अपनी सभी उड़ानें तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी हैं। कतर सरकार ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है।
अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़
इस्राइली स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से अब तक 777 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। मंत्रालय ने बताया कि 86 लोग फिलहाल आपातकालीन कक्षों में हैं, जिनमें से चार की स्थिति अत्यंत गंभीर है।
विशेषज्ञों की राय: भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने ब्रिटिश सैन्य ठिकानों या अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई तेज की, तो यह संघर्ष एक पूर्ण वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति की अपील कर रहा है, लेकिन धरातल पर बारूद की गंध और धमाकों की गूँज कम होने का नाम नहीं ले रही है।