देहरादून।
केदारपुरम स्थित नारी निकेतन में मानसिक रूप से विक्षिप्त संवासिनी ममता रात एक बजे तक बिल्कुल ठीकठाक थी। लेकिन करीब दो बजे बाद उसने चुन्नी से खुद को फांसी पर लटका दिया। हालांकि संवासिनी के मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के कारण उसका उपचार भी किया जा रहा था।

जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि गुरुवार रात तीन बजे की ये घटना है। उन्होंने बताया कि नारी निकेतन का स्टाफ हर दो घंटे में राउंड पर निकलता है। रात 11 बजे के बाद रात 1 बजे जब राउंड हुआ तो संवासिनी ठीकठाक कमरे में सो रही थी। लेकिन जब 3 बजे वाला राउंड हुआ तो वह सीढ़ियों पर फंदे से लटकी हुई दिखाई दी। ये देख स्टाफ की महिलाएं घबराई और तेजी से दौड़कर अन्य स्टाफ को इसकी सूचना दी। साथ ही उच्च अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई। मीना बिष्ट ने बताया कि मामले की सूचना सबसे पहले बायपास स्थित पुलिस चौकी में दी गई। बताया कि संवासिनी का पति भी यूपी से यहां पहुंच गया था। संवासिनी के पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। उन्होंने बताया कि संवासिनी छह महीने पहले हल्द्वानी में पुलिस को मिली थी और मानसिक रूप से अस्वस्थ थी।
बताया कि मृतका का नाम ममता था, जो कि उत्तर प्रदेश की मूल निवासी है, जो पिछले छह महीनों से नारी निकेतन में रह रही थी। संवासिनी के पांच बच्चे भी है।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। मृत्यु के कारण की जांच एवं पंचायतनामे की कार्रवाई की जा रही है।