
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जनपद में चलाए जा रहे सघन वाहन चेकिंग अभियान के दौरान कैंट थाना पुलिस ने एक महाराष्ट्र नंबर की स्कार्पियो गाड़ी से ₹1 करोड़ 55 लाख की भारी-भरकम नकदी बरामद की है। इतनी बड़ी रकम को छिपाने के लिए गाड़ी के भीतर बकायदा एक ‘सीक्रेट केबिन’ बनाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आयकर विभाग (Income Tax Department) को सूचित किया, जिसके बाद नोटों की गिनती कर नकदी को जब्त कर लिया गया है।
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रूटीन चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़े आरोपी मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को कैंट पुलिस राजेंद्र नगर कौलागढ़ क्षेत्र के सिरमौर मार्ग पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध स्कार्पियो को रुकवाया। जब पुलिस ने वाहन चालक से दस्तावेज मांगे, तो वह घबराने लगा और गोलमोल जवाब देने लगा।
संदेह होने पर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो चालक ने गाड़ी के अंदर भारी मात्रा में कैश होने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने जब गाड़ी की जांच की, तो वे भी हैरान रह गए। गाड़ी की बीच वाली और पिछली सीट के बीच एक विशेष सीक्रेट केबिन बनाया गया था, जिसमें कैश खपाया गया था।
हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान
वाहन में सवार तीनों व्यक्ति गुजरात के रहने वाले हैं। पुलिस द्वारा पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान इस प्रकार बताई है:
सतीश भाई (चालक): निवासी जिला मेहसाणा, गुजरात
ठाकुर जसवंत संघ बनाजी: निवासी जिला पाटन, गुजरात
सचिन पटेल: निवासी विसनागर, गुजरात
बनारस से देहरादून लाया जा रहा था कैश
शुरुआती पूछताछ में वाहन चालक सतीश भाई ने बताया कि वह इस मोटी रकम को बनारस (वाराणसी) से लेकर आया था। यह धनराशि उसे गाड़ी में ही बैठे जसवंत नाम के व्यक्ति को सौंपनी थी। हालांकि, यह पैसा किसका है और इसे देहरादून क्यों लाया जा रहा था, इसका कोई भी वैध दस्तावेज (Valid Documents) आरोपी पेश नहीं कर पाए।
आयकर विभाग की टीम कर रही है जांच
सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कैश बरामद होने के तुरंत बाद आयकर विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया था। उनकी मौजूदगी में ही सीक्रेट केबिन से कुल 1 करोड़ 55 लाख रुपये निकाले गए।
आयकर विभाग की टीम ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके बयान दर्ज किए हैं। बरामद की गई धनराशि के स्रोतों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने संबंधित स्कार्पियो वाहन को सीज कर दिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई पूरी तरह से आयकर विभाग द्वारा अमल में लाई जा रही है। विधानसभा चुनावों या अन्य संदिग्ध गतिविधियों से इसके तार जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।