मनी लॉन्ड्रिंग मामला: रॉबर्ट वाड्रा को दिल्ली की कोर्ट से मिली जमानत, कहा— ‘न्यायपालिका पर पूरा भरोसा’.

नई दिल्ली।
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शिकोहपुर (गुरुग्राम) भूमि सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को बड़ी राहत दी है। स्पेशल जज सुशांत चंगोट्रा की अदालत ने वाड्रा को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही रकम के एक जमानती (श्योरिटी) पर जमानत दे दी है।
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अदालत में पेशी के बाद मीडिया से बात करते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वाड्रा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर निशाना साधते हुए कहा, “ईडी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है, मैं हर जांच का सामना करने और सारे सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं।”
हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद होना पड़ा पेश
इससे पहले, रॉबर्ट वाड्रा ने ट्रायल कोर्ट द्वारा समन जारी करने के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने समन के आदेश पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें ट्रायल कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया, जिसके बाद शुक्रवार को वाड्रा कोर्ट के समक्ष हाजिर हुए।
क्या है पूरा मामला? (2008 का शिकोहपुर जमीन सौदा)
यह पूरा विवाद साल 2008 में गुरुग्राम के शिकोहपुर में हुए एक भूमि सौदे से जुड़ा हुआ है:
जमीन की खरीद: रॉबर्ट वाड्रा की डायरेक्टरशिप वाली कंपनी ‘मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड’ ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से साढ़े तीन एकड़ जमीन मात्र ₹7.5 करोड़ में खरीदी।
24 घंटे में मालिकाना हक: महज 24 घंटे के भीतर इस जमीन का कमर्शियल लाइसेंस और मालिकाना हक वाड्रा की कंपनी के नाम ट्रांसफर हो गया।
भारी मुनाफे पर बिक्री: साल 2012 में स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने इसी जमीन को डीएलएफ (DLF) को ₹58 करोड़ में बेच दिया, जिससे कंपनी को कई गुना मुनाफा हुआ।
इस मामले में साल 2018 में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी, जिसके बाद ईडी ने जांच शुरू की थी।
₹37.64 करोड़ की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं जब्त
ईडी ने 17 जुलाई 2025 को इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी समेत अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद अगस्त 2025 में कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में अब तक रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी की ₹37.64 करोड़ मूल्य की 43 संपत्तियों को कुर्क (जब्त) कर चुकी है।
वाड्रा समेत 11 आरोपियों पर संज्ञान
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा के अलावा 10 अन्य व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 3 और 4 के तहत आरोपों पर संज्ञान लिया है। समन पाने वाली प्रमुख कंपनियों की सूची इस प्रकार है:
मेसर्स स्काई लाईट हॉस्पिटैलिटी प्राईवेट लिमिटेड
मेसर्स स्काई लाईट रियल्टी प्राईवेट लिमिटेड
मेसर्स स्काई लाईट रियल अर्थ इस्टेट्स प्राईवेट लिमिटेड
मेसर्स ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राईवेट लिमिटेड
मेसर्स नॉर्थ इंडिया आईटी पार्क्स प्राईवेट लिमिटेड
मेसर्स लंबोदर आर्ड एंटरप्राइजेज इंडिया प्राईवेट लिमिटेड
मेसर्स एसजीवाई प्रोपर्टीज प्राईवेट लिमिटेड
सुनवाई के दौरान वाड्रा के वकीलों ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता और कोर्ट को इस चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लेना चाहिए, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। फिलहाल जमानत मिलने से वाड्रा को तात्कालिक राहत जरूर मिल गई है, लेकिन कानूनी शिकंजा अभी कसा हुआ है।