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उत्तराखंड में नया इतिहास: राज्यपाल गुरमीत सिंह बने सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले गवर्नर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रिकॉर्ड के बाद अब राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी रचा इतिहास, 19 साल पुराना रिकॉर्ड हुआ पीछे

उत्तराखंड में इन दिनों संवैधानिक पदों पर नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। एक ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनता पार्टी के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है और 9 जुलाई को वह पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ने वाले हैं। वहीं दूसरी ओर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने भी प्रदेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल रहने का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

4 जुलाई को गुरमीत सिंह ने अपने कार्यकाल के 1,756 दिन पूरे करते हुए पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का लगभग 19 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले सबसे लंबे समय तक राज्यपाल रहने का रिकॉर्ड सुदर्शन अग्रवाल के नाम था, जिन्होंने 8 जनवरी 2003 से 28 अक्टूबर 2007 तक कुल 1,755 दिनों तक इस पद की जिम्मेदारी निभाई थी।

गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। लगातार सेवा के बाद अब वह आधिकारिक तौर पर राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बन गए हैं।

सेना में करीब चार दशक तक सेवा देने वाले गुरमीत सिंह का जन्म 1 फरवरी 1956 को पंजाब के अमृतसर जिले के जलाल उस्मान गांव में हुआ था। उन्होंने सैनिक स्कूल कपूरथला से शिक्षा प्राप्त की और भारतीय सेना में अपने लंबे करियर के दौरान पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम और वीएसएम जैसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान हासिल किए। वह 31 जनवरी 2016 को भारतीय सेना के उप प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद से सेवानिवृत्त हुए।

देशभक्ति की परंपरा वाले परिवार से आने वाले गुरमीत सिंह के पिता भारतीय सेना में और उनके बड़े भाई भारतीय वायु सेना में सेवाएं दे चुके हैं। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने चीन के साथ सीमा वार्ताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और बीजिंग, शंघाई सहित कई शहरों का दौरा किया। इसके अलावा सियाचिन समेत विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के लिए पाकिस्तान भी गए। जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

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