इस पहल से जुड़ी महिलाओं को हर आपूर्ति के दौरान करीब 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है। सब्जियों की गुणवत्ता और मांग को देखते हुए आने वाले समय में इसकी आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। मांग बढ़ने पर विकासनगर, लांघा और डोईवाला जैसे क्षेत्रों को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि उड़ान क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं हर 15 दिन में आईटीबीपी को ऑर्गेनिक सब्जियों की आपूर्ति कर रही हैं। वर्तमान में यह आपूर्ति आईटीबीपी की कुल मांग का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर रही है।
अप्रैल से अब तक महिलाओं के समूह की ओर से पांच बार में करीब 13 कुंतल (1,344 किलोग्राम) से अधिक सब्जियों की आपूर्ति की जा चुकी है। यह पहल न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी दे रही है।