उत्तराखंड

शहर की नौकरी छोड़ गांव लौटे दिनेश, ट्राउट फिश पालन से हर साल कमा रहे लाखों रुपये

रुद्रप्रयाग के युवा ने स्वरोजगार की राह चुनकर पेश की मिसाल, सरकारी योजना और आधुनिक तकनीक से बदली अपनी किस्मत।

रोजगार की तलाश में गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन करने की कहानियां आम हैं, लेकिन रुद्रप्रयाग के लदोली गांव के रहने वाले दिनेश सिंह चौधरी ने इसके उलट रास्ता चुना। उन्होंने शहर की जिंदगी और नौकरी को छोड़कर अपने गांव लौटने का फैसला किया और ट्राउट फिश पालन के जरिए न सिर्फ आत्मनिर्भर बने, बल्कि दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गए।

साल 2021 में गांव लौटने के बाद दिनेश ने पारंपरिक खेती की बजाय वैज्ञानिक तरीके से ट्राउट मछली पालन शुरू किया। शुरुआती दौर में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन तकनीकी प्रशिक्षण, सरकारी सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने इस व्यवसाय को सफल बनाया। आज उनकी मत्स्य पालन इकाई में ट्राउट मछली का उत्पादन होने के साथ-साथ उनकी अपनी हैचरी में ट्राउट की ब्रीडिंग भी की जा रही है।

दिनेश को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विभागीय सहायता मिली, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद मिली। इसका परिणाम यह रहा कि आज वह ट्राउट फिश पालन से हर साल करीब 4 से 5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।

रुद्रप्रयाग की जिला प्रभारी मत्स्य अधिकारी मंजू भाकुनी के अनुसार, मत्स्य विभाग समय-समय पर किसानों और युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता है। विभाग का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पलायन की समस्या को कम करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्राउट मछली पालन पर्वतीय क्षेत्रों के लिए एक लाभदायक व्यवसाय है। ठंडे और स्वच्छ पानी वाले इलाकों में इसकी अच्छी पैदावार होती है और बाजार में इसकी मांग भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वैज्ञानिक तरीके से इस व्यवसाय को अपनाकर युवा कम समय में अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।

दिनेश सिंह चौधरी की सफलता यह साबित करती है कि यदि सही योजना, मेहनत और आधुनिक तकनीक का साथ मिले, तो गांव में रहकर भी बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। उनकी कहानी आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने गांव में रहकर आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!