उत्तराखंड

राहुल गांधी की उत्तराखंड रैली पर सियासत तेज, मैदान विवाद के बाद बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

परेड ग्राउंड को लेकर दिनभर चला विवाद देर रात खत्म, प्रशासन के सुझाव पर बन्नू स्कूल मैदान में रैली के लिए कांग्रेस हुई तैयार

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे से पहले उनकी रैली के लिए स्थल को लेकर उठा विवाद अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। हालांकि देर रात प्रशासन और कांग्रेस के बीच सहमति बनने के बाद रैली को बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित करने का फैसला हो गया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने मंगलवार को कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है। उनका कहना है कि परेड ग्राउंड के लिए कांग्रेस की ओर से दिए गए शुरुआती आवेदन में कहीं भी राहुल गांधी के नाम या उनके कार्यक्रम का उल्लेख नहीं था। ऐसे में प्रशासन को यह जानकारी नहीं थी कि यह किसी राष्ट्रीय नेता की रैली से जुड़ा आयोजन है।

महेंद्र भट्ट ने बताया कि इन दिनों परेड ग्राउंड में केंद्र सरकार का लोक संवर्धन पर्व आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शोक के कारण कार्यक्रम के कुछ हिस्से तय समय पर नहीं हो सके थे, इसलिए आयोजन की अवधि दो दिन बढ़ा दी गई। उनके अनुसार मैदान पहले से निर्धारित सरकारी कार्यक्रम के लिए आरक्षित था और वहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस को बन्नू स्कूल मैदान समेत अन्य वैकल्पिक स्थानों का सुझाव दिया था, ताकि रैली बिना किसी परेशानी के आयोजित हो सके। ऐसे में यह कहना कि सरकार या प्रशासन राहुल गांधी का कार्यक्रम रोकना चाहता था, पूरी तरह निराधार है।

भट्ट ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक परंपराओं में विश्वास करती है और हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने व सार्वजनिक कार्यक्रम करने का अधिकार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सभी दलों की जिम्मेदारी है कि वे प्रशासनिक प्रक्रियाओं, पहले से तय कार्यक्रमों और कानून-व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन करें। उनके मुताबिक कांग्रेस को विवाद खड़ा करने के बजाय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी दोहराया कि उत्तराखंड में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर दिए जाते हैं और जहां भी प्रशासनिक व सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था संभव होती है, वहां नियमानुसार अनुमति प्रदान की जाती है।

दिनभर चले विवाद और राजनीतिक बयानबाजी के बाद आखिरकार देर रात कांग्रेस ने प्रशासन की ओर से सुझाए गए बन्नू स्कूल मैदान में राहुल गांधी की रैली आयोजित करने पर सहमति दे दी। इसके साथ ही स्थल को लेकर बना गतिरोध समाप्त हो गया, लेकिन इस मुद्दे पर शुरू हुई सियासी तकरार अभी भी जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!