ग्यारहवें दिन भी जारी रहा जल संस्थान कर्मचारियों का धरना, बोले— मांग पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी
राजकीयकरण की मांग पर अड़े कर्मचारी, मुख्य संयोजक नन्दलाल जोशी ने सरकार को चेताया

उत्तराखण्ड जल संस्थान के राजकीयकरण की मांग को लेकर उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले मुख्यालय पर धरना गुरुवार को 11वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान देहरादून जनपद की विभिन्न शाखाओं के कर्मचारी धरने में शामिल हुए, जिनका मोर्चा पदाधिकारियों ने फूल-माला पहनाकर स्वागत किया।

धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक नन्दलाल जोशी ने कहा कि इस बार कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार, शासन और जल संस्थान प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है, लेकिन कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और मांग पूरी होने तक मुख्यालय में धरने पर डटे रहेंगे।
मोर्चा के संयोजक विमल भण्डारी ने कहा कि बारिश के बावजूद कर्मचारी पूरी निष्ठा और एकजुटता के साथ आंदोलन को सफल बनाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन का पहला चरण है और आने वाले दिनों में इसे और गति दी जाएगी। कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को सरकार को स्वीकार करना ही होगा।
नन्दलाल जोशी ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों की शाखाओं से भी कर्मचारियों का लगातार समर्थन मिल रहा है और कई कर्मचारी धरने में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं। हालांकि वर्षाकाल को देखते हुए फिलहाल दूरस्थ क्षेत्रों के कर्मचारियों को धरने में शामिल होने के लिए नहीं बुलाया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें भी आंदोलन में शामिल किया जाएगा।
धरने के दौरान कई कर्मचारी नेताओं ने भी अपने विचार रखे और आंदोलन को मजबूती देने का संकल्प दोहराया। वहीं, बड़ी संख्या में कर्मचारी और समर्थक धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन भी जताते रहे।
इस दौरान धरना स्थल पर ललित कुमार, गिरीश चन्द्र सती, सुभाष चन्द्र वशिष्ठ, प्रकाश नेगी, प्रताप सिंह, विनोद प्रकाश, संदीप कुमार, नीरज रौथाण, सबल सिंह, राजेन्द्र सिंह नेगी, अभित नौटियाल, आदि लोग शामिल रहे।