केतन अग्रवाल हत्याकांड: चश्मदीद के बयान से खुली खौफनाक साजिश, आरोपी ने दी थी जान से मारने की धमकी
लोहागढ़ किले से नीचे धकेलने का सनसनीखेज खुलासा; पुलिस जांच में 12 टीबी डिजिटल डेटा और डिलीटेड चैट से खुले राज

पुणे: महाराष्ट्र में पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में एक अहम चश्मदीद गवाह का बयान सामने आने के बाद जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। लोनावला स्थित लोहागढ़ किले में हुई इस वारदात को लेकर चश्मदीद ने पुलिस के सामने दिल दहला देने वाले खुलासे किए हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई हत्या थी।
चश्मदीद गवाह द्वारा पुलिस को दर्ज कराए गए बयान के मुताबिक, घटना वाले दिन उसने केतन और उसकी मंगेतर सिया गोयल को किले पर चढ़ते समय एक साथ देखा था। उनके ठीक पीछे आरोपी चेतन चौधरी चल रहा था। तेज गर्मी के बावजूद चेतन ने हुडी पहन रखी थी, जिसकी वजह से चश्मदीद का ध्यान उस पर गया और उसका चेहरा याद रह गया। किले में आगे बढ़ने पर सिया ने केतन के पैर पर लात मारी और चेतन को इशारा किया। इसके तुरंत बाद चेतन ने पीछे से दौड़कर केतन को गहरी खाई में धकेल दिया। जब चश्मदीद ने इस खौफनाक हरकत का विरोध किया, तो उसे भी किले से नीचे फेंक देने की धमकी देकर चुप करा दिया गया।
धमकी से डरे-सहमे चश्मदीद ने शुरुआत में किसी को इस बारे में नहीं बताया, लेकिन मामले की खबरें मीडिया में आने के बाद उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया। फिलहाल पुलिस चश्मदीद के दावों का अन्य फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए सत्यापन कर रही है।
जांच को मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों पर भी शिकंजा कसा है। मामले की पड़ताल के दौरान लगभग 12 टेराबाइट (TB) डिजिटल डेटा का गहन विश्लेषण किया गया, जिसमें मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, सोशल मीडिया अकाउंट्स और कॉल रिकॉर्ड्स शामिल हैं। फॉरेंसिक जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के बाद आईफोन से हमेशा के लिए डेटा डिलीट करने और चैट हिस्ट्री मिटाने के तरीके इंटरनेट पर सर्च किए गए थे। हालांकि, विशेषज्ञ डिलीट किए गए डेटा का कुछ हिस्सा रिकवर करने में सफल रहे हैं, जिससे इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो रहा है।