हॉर्मुज के बाद अरब सागर तक बढ़ेगा ईरान मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बयान के बाद फारस की खाड़ी, हॉर्मुज स्ट्रेट और अरब सागर को लेकर हलचल बढ़ गई है। खामेनेई ने ईरान की समुद्री सीमाओं में विदेशी सैन्य मौजूदगी का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि दुश्मन ताकतों को क्षेत्र से बाहर होना पड़ेगा। उन्होंने ईरानी जवानों की कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा करने वाले सैनिकों ने कई बार विरोधी ताकतों को पीछे हटने पर मजबूर किया है। खामेनेई के मुताबिक, ईरान की समुद्री सुरक्षा को चुनौती देने वाली किसी भी कोशिश का जवाब दिया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हॉर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री इलाकों में तनाव बना हुआ है।
हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है और यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल तथा अन्य ऊर्जा उत्पादों का परिवहन होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। खामेनेई ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में विदेशी सैन्य मौजूदगी पर भी सवाल उठाया है। ईरानी नेतृत्व लंबे समय से इस क्षेत्र में अमेरिकी और अन्य विदेशी सैन्य ठिकानों का विरोध करता रहा है। हालांकि, उपलब्ध बयानों के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईरान ने अरब सागर में किसी नए सैन्य अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी है। फिलहाल खामेनेई के बयान को ईरान की व्यापक समुद्री सुरक्षा नीति और क्षेत्र में विदेशी सैन्य मौजूदगी के विरोध के संदर्भ में देखा जा रहा है।
ईरान अगर अपनी नौसैनिक गतिविधियों का दायरा अरब सागर तक बढ़ाता है, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। अब नजर इस बात पर है कि ईरान अपने इन कड़े बयानों के बाद समुद्री क्षेत्र में किस तरह के वास्तविक कदम उठाता है।