आरक्षण की समीक्षा और UGC नियमों को वापस लेने की मांग: लक्सर में सामान्य वर्ग का बड़ा प्रदर्शन
रानीमाजरा में जुटी भारी भीड़, वक्ताओं ने कहा— 'कानून का मकसद न्याय होना चाहिए, भय नहीं'; एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति व पीएम को भेजा ज्ञापन

लक्सर: उत्तराखंड के लक्सर क्षेत्र स्थित रानीमाजरा में सामान्य वर्ग एकता मंच के बैनर तले एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान ‘यूजीसी रोलबैक’ (UGC के नए प्रावधानों को वापस लेने) और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में व्यावहारिक सुधारों की मांग को लेकर भारी संख्या में लोग जुटे। इस महाजुटान में उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से भी सामाजिक प्रतिनिधियों और आम लोगों ने हिस्सा लिया।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि किसी भी कानून का मूल उद्देश्य समाज में न्याय और समानता स्थापित करना होना चाहिए, न कि किसी वर्ग विशेष में भय का माहौल बनाना। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं और सामाजिक नेताओं ने तर्क दिया कि आजादी के 75 वर्षों बाद देश में आरक्षण व्यवस्था के प्रभावों की विस्तृत समीक्षा और ऑडिट होना समय की मांग है। प्रतिभावान युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आर्थिक स्थिति और वास्तविक वंचना को भी व्यवस्था का आधार बनाए जाने पर जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंदों को सही मायने में लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने सामाजिक समरसता और भाईचारे को बनाए रखने के लिए सभी वर्गों को समान अवसर दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं में रहते हुए अपनी बात को तथ्यों और आंकड़ों के साथ सरकार के सामने रखा जाएगा।
सभा के समापन के बाद प्रतिभागियों ने एकजुट होकर पैदल मार्च निकाला और महाराणा प्रताप चौक (धारीवाला) पहुंचे। वहां उन्होंने लक्सर के उपजिलाधिकारी अनिल शुक्ला के माध्यम से देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में यूजीसी के नए प्रावधानों को निरस्त करने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक स्वतंत्र आयोग के गठन का अनुरोध किया गया है। पैदल मार्च के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।