चक्रवात अर्नब का भीषण तांडव आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, 3 लोगों की मौत, ओडिशा में 1 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
अमरावती / भुवनेश्वर, पुडुचेरी के यनम तट से टकराया तूफान, तेज हवाओं और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त; एनडीआरएफ की टीमें तैनात

अमरावती: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान आंध्र प्रदेश में हुआ है, जहां तूफान और बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 31 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, चक्रवात पुडुचेरी के यनम तट को पार करते हुए आगे बढ़ा है। तट से टकराने के बाद तूफान धीरे-धीरे कमजोर होकर दबाव के क्षेत्र में बदल रहा है। हालांकि, आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्सों और ओडिशा के दक्षिणी तटीय जिलों में 135 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं और मूसलाधार बारिश जारी है।
तटीय जिलों में बाढ़ जैसे हालात, राहत अभियान तेज
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, काकीनाडा, अनकापल्ली और कोनासीमा जिलों में बारिश और समुद्र का पानी भरने से गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। काकीनाडा क्षेत्र में भारी पानी भरने के कारण गोदामों और निचले इलाकों में फंसे दर्जनों कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों को पुलिस और आपदा राहत टीमों द्वारा सुरक्षित निकाला गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने एहतियात के तौर पर 1 लाख से अधिक लोगों को तटीय और संवेदनशील इलाकों से निकालकर सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचा दिया है। दोनों राज्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की कई टीमें मुस्तैद हैं।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अति आवश्यक कार्य न होने पर घरों से बाहर न निकलें और तटीय तथा जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।