चांद का इंतजार हुआ लंबा तो क्या करें महिलाएं? जानें बादलों में चंद्र दर्शन न होने पर व्रत खोलने के तरीके

करवा चौथ 2026: करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास के बाद शाम को करवा माता की पूजा और कथा सुनने की परंपरा है। इसके बाद चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य दिया जाता है और व्रत का पारण किया जाता है। हालांकि, बारिश या आसमान में घने बादल छाए रहने के कारण कई बार चांद दिखाई नहीं देता। ऐसे में महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि चंद्र दर्शन न होने पर व्रत कैसे पूरा करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है। लेकिन मौसम खराब होने के कारण चांद नजर नहीं आए, तो अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचलित परंपराओं के अनुसार कुछ विकल्प अपनाए जाते हैं। इन उपायों को लेकर सभी जगह एक जैसी मान्यता नहीं है, इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय विद्वान की सलाह को भी ध्यान में रखना चाहिए।
चांद न दिखे तो इन विकल्पों को अपना सकती हैं महिलाएं
अगर आपके शहर में बादलों के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं दे रहा है, तो भगवान शिव की पूजा कर सकती हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। ऐसे में शिवजी के दर्शन कर प्रार्थना करने का विकल्प कुछ परंपराओं में बताया जाता है। इसके लिए घर में भगवान शिव की तस्वीर के सामने पूजा की जा सकती है या शिव मंदिर जाकर दर्शन किए जा सकते हैं।
एक अन्य पारंपरिक उपाय में चावल और रोली की मदद से चंद्रमा की प्रतीकात्मक आकृति बनाई जाती है। इसके लिए पूजा की थाली या लाल कपड़े पर चावल रखकर चांद की आकृति तैयार की जा सकती है। इसके बाद विधि-विधान से पूजा और प्रार्थना की जाती है।
कुछ स्थानों पर दर्पण या पानी में चंद्रमा का प्रतीकात्मक प्रतिबिंब देखने की परंपरा भी प्रचलित है। वहीं, यदि परिवार के सदस्य किसी दूसरे शहर में रहते हैं और वहां चंद्रमा दिखाई दे रहा है, तो वीडियो कॉल के माध्यम से चंद्र दर्शन करने का विकल्प भी कुछ लोग अपनाते हैं।
एक अन्य विकल्प स्थानीय पंचांग में बताए गए चंद्रोदय के समय तक प्रतीक्षा करना है। आसमान में बादल होने पर भी चंद्रमा अपने निर्धारित समय के आसपास उदित हो सकता है, भले ही वह दिखाई न दे। ऐसी स्थिति में पूजा और पारण की विधि को लेकर स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।
करवा चौथ 2026 की पूजा का शुभ मुहूर्त
दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक बताया गया है। वहीं, चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8 बजकर 17 मिनट है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में भौगोलिक स्थिति के कारण चांद निकलने के समय में अंतर हो सकता है।
इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने शहर के स्थानीय पंचांग से चंद्रोदय का समय जरूर देखना चाहिए। करवा चौथ पर पूजा के साथ आस्था, पारिवारिक परंपराओं और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।