उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज, अर्नब साइक्लोन से बढ़ सकती है बारिश; कुमाऊं में ऑरेंज अलर्ट

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने करवट ले ली है। राजधानी देहरादून समेत कई इलाकों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और ठंड का असर बढ़ने लगा है। इस बीच अर्नब साइक्लोन से जुड़े मौसमी बदलावों और पश्चिमी विक्षोभ के चलते राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का उत्तराखंड पर सीधा असर पड़ने की आशंका नहीं है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ में मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
30 अक्टूबर को कुमाऊं में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को कुमाऊं मंडल के कुछ जिलों में मौसम अधिक खराब रहने की आशंका जताई है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि हो सकती है।
वहीं, 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। इससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है और आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहेगी।
चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में बारिश की संभावना को देखते हुए चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करना मुश्किल हो सकता है।
मौसम विभाग के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं और 30 अक्टूबर को कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है।
प्रशासन और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने के साथ यात्रियों को पहाड़ी क्षेत्रों में निकलने से पहले ताजा पूर्वानुमान देखना चाहिए। खराब मौसम में संवेदनशील मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचना भी जरूरी है।