अखिलगढ़वाल सभा द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड कौथिग में* आज सुबह 11 बजे भटवाड़ी से आये श्री गंगा कला मंच गौरशाली द्वारा जगेंद्र शाह के नेतृत्व में प्रस्तुतियां हुई जो बसंत ऋतु पर आधारित थीं।
बसंत के आगमन पर आधारित दिसा ध्यानी की याद को मिटाने तथा किसानों को जगाने के लिए ये प्रस्तुतियां होती थीं।।
अखिलगढ़वाल सभा द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड कौथिग में* आज सुबह 11 बजे भटवाड़ी से आये श्री गंगा कला मंच गौरशाली द्वारा जगेंद्र शाह के नेतृत्व में प्रस्तुतियां हुई जो बसंत ऋतु पर आधारित थीं। बसंत के आगमन पर आधारित दिसा ध्यानी की याद को मिटाने तथा किसानों को जगाने के लिए ये प्रस्तुतियां होती थीं।।

शाम 6.00 बजे से लोकगीत संध्या का आयोजन हुआ। जिसका शुभारंभ शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत जी व ग्राफ़िक एरा यूनिवर्सिटी व हॉस्पिटल के चेयरमैन कमल घनशाला जी ने डीप प्रज्वलन कर किया। Dr धन सिंह ने कहा कि गढ़वाल सभा विगत 75 वर्षों से लोक संस्कृति के उन्नयन व संरक्षण के लिए सतत कार्य कर रही है। कमल घनशाला ने सभा की हीरक जयंती की बधाई देते हुए कहा कि मै पूर्व की तरह सभा के कौथिग जैसे विराट आयोजनमे सहयोग अवश्य करता रहूंगा।
स्वागत उद्बोधन में सभा अध्यक्ष रोशन धस्माना व महासचिव गजेंद्र भंडारी ने कहा कि सभा अपने भाषा, संस्कृति व साहित्य को पुष्पित पल्लवित करने के लिए कटिबद्ध है।
कार्यक्रम की शुरुआत जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने साथी ढोलियों के साथ नोबत व धुंयाल बजा कर किया व इष्ट *राजराजेश्वर देवी भगवती का जागर* व *पंडों जागर* सुनाया। इसके साथ ही उन्होंने अपना ताज़ा प्रचलित गीत *लाडी बेटुलि* सुनाया, इसके बाद मीना राणा ने *हम उत्तराखंडी छाँ* ga कर माहौल को भौवुक कर दिया और साथ ही *बलमा* गीत भी प्रस्तुत किया.
खुशी जोशी ने *तू रैंछि मैय्या ऊंचा पहाडों मा* और *अल्मोड़ा अंग्रेज़ आयो टैक्सी में* गीत प्रस्तुत कर के तालियां बटोरी। इसके बाद जौनसारी गायक मनोज सागर ने *फूलों फूली आरओ* और *घोटा सिमनिये* गा कर लोगों को नाचने पर मजबूर कर फ़िया। विवेक नौटियाल ने *द्यो लागी तैं ऊंचा कैलासा* और *ओटूवा बेलेना* प्रस्तुत किया। पुनः जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने नया गीत * *कैमरा*, *किमसाड़ी हाट मा* *सरूली मेरो जिया लगी गै* और *मोहन तेरी मुरली बाजी* गा के पंडाल को झूमा दिया। इसके बाद पुनः मीणा राणा ने अपने गीत *मशकबीन, गुलबन्द*, व *लौंडा चन्दरा* और ओ साहिबा प्रस्तुत किया। खुशी जोशी ने पुनः *गोविंदी घुंगरू बजे दे छम छमा* और *मैं घास काटूल* गा कर कुमाऊं की प्रस्तुतियां दी। मनोज सागर ने *चाँदीना की चौकी भाई मामा* और *चुन्नू भाईजी* प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। अंत मे विवेक नौटीयाल ने अपने प्रसिद्ध गीत *रम्म झमा*, *रूप कु मंतर* और *बांदिले तू ज्यूडी* प्रस्तुत कर और लोगों को झुमाकर कार्यक्रम को सम्पन्न किया।।
आज उत्तराखण्ड कैथूग स्थल में ही, प्रातः 10.30 बजे से हेल्थ नेटवर्किंग सेवा संस्थान द्वारा निः शुल्क हेल्थ कैम्प एवं उत्तराखण्ड ब्लड सेन्टर , अरिहन्त अस्प्ताल सहयोग से रक्तदान शिविर एवं कैम्प लगाया गया जिसमे 34 युनीट रक्तदान हुवा तथा कैम्प में 95 लोगो ने जाँच कराई आप के कैम्प में डा एस पी भट्ट डा श्री नन्द उनियाल डा एम पी मैंठानी एनएस नेगी ,राहुल, अरुण, प्रशन, आभा शर्मा, रचना चोपड़ा