
नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज गन्ना पब्लिक इंटर कॉलेज, डोईवाला, देहरादून में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित तथा समाज कल्याण विभाग, देहरादून के सहयोग से उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्त वातावरण का निर्माण करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर से निकाली गई जागरूकता रैली से हुआ, जिसमें लगभग 850 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। रैली डोईवाला मुख्य बाजार से होकर गुजरी। इस दौरान नुक्कड़ नाटक की टीम गीतों एवं प्रभावशाली नारों के माध्यम से आमजन को नशे के विरुद्ध जागरूक करती रही। रैली विद्यालय परिसर में आकर संपन्न हुई।
रैली के पश्चात संभव परिवार के अंतर्गत संभव मंच के निर्देशक अभिषेक मेंदुला के नेतृत्व में कलाकारों ने नशे के दुष्परिणामों पर आधारित प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में नशे से व्यक्ति, परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को दर्शाया गया, जिसकी विद्यार्थियों एवं उपस्थित अभिभावकों ने सराहना की। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाषणों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी नशामुक्ति का संदेश दिया।
इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के कार्यक्रम प्रभारी श्री सुनील जोशी ने अभियान के उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से नशामुक्ति के संदेश को अपने परिवारों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से नशे के विरुद्ध व्यापक सामाजिक जागरूकता विकसित की जा सकती है।
परिषद के उपाध्यक्ष मोहन सिंह खत्री, विद्यालय प्रबंधक मनोज नौटियाल तथा प्रधानाचार्य अंकित डोबरियाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आमजन को यह संदेश दिया गया कि नशे से दूरी, स्वस्थ जीवनशैली और सामूहिक सामाजिक सहभागिता ही एक सुरक्षित, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण का आधार है।
परिषद की महासचिव श्रीमती आशा रानी पैन्यूली ने समाज में बढ़ती नशाखोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए नशे के विरुद्ध निरंतर एवं संगठित जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के विद्यार्थियों की विशेष टोलियाँ गठित कर संबंधित प्रशासन के समन्वय से ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों का प्रारंभिक सर्वेक्षण किया जाए, जहाँ चोरी-छिपे नशीले पदार्थों के व्यापार की आशंका हो। उन्होंने विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों से अभियान की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
श्रीमती पैन्यूली ने कार्यक्रम की सफलता के लिए विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में आनंदमणि सेमवाल, किरण खंडूरी, विजयलक्ष्मी रावत, महेश चंद मैठाणी सहित विद्यालय के शिक्षकगण से पूजा जोशी, राधा गुप्ता, आलोक जोशी, सुदेश सहगल तथा प्रिया आदि शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा सहयोग किया गया कार्यक्रम में अभिभावक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के अध्यापक अश्वनी गुप्ता एवं अभियान के प्रभारी सुनील जोशी ने संयुक्त रूप से किया।