पीए के ठिकानों पर ED के छापे के बाद नैतिक जिम्मेदारी, पूर्व सीएम हरीश रावत ने की पार्टी पदों से इस्तीफे की पेशकश उपशीर्षक: केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात और प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखने की तैयारी; बीजेपी ने बताया ‘सहानुभूति कार्ड’
केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात और प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखने की तैयारी; बीजेपी ने बताया 'सहानुभूति कार्ड'

- देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत अपने निजी सहायक (PA) के परिसरों पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद बैकफुट पर हैं। उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी के दो प्रमुख सांगठनिक पदों—प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और प्रदेश कांग्रेस के स्थायी आमंत्रित सदस्य—से इस्तीफे की पेशकश की है।
इस्तीफे की पेशकश और रणनीति
राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात: हरीश रावत ने स्पष्ट किया है कि वे इस विषय पर बातचीत के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से समय मांग रहे है, प्रदेश अध्यक्ष को पत्र: दूरी की वजह से वे व्यक्तिगत रूप से जाने के बजाय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को पत्र भेजकर अपनी मंशा से अवगत कराएंगे। पार्टी के संघर्ष की चिंता: रावत का कहना है कि कांग्रेस राज्य में जनता के मुद्दों पर मजबूती से लड़ाई लड़ रही है। उनके या उनके सहयोगियों से जुड़े किसी विवाद की वजह से पार्टी के अभियानों में कोई व्यवधान न आए, इसलिए उन्होंने खुद को जिम्मेदारियों से मुक्त करने की इच्छा जताई है।
ED की छापेमारी: 10-11 सितंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वर्ष 2016 के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हरीश रावत के पीए चंदन सिंह जीना के परिसरों पर छापा मारा था।
बरामदगी का दावा: जांच एजेंसी के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान लगभग ₹32 लाख नकद, 200 ग्राम सोना, 12 महंगी घड़ियां बरामद की गईं और 52.16 लाख रुपये के बैंक खाते फ्रीज किए गए।
लंबा साथ: चंदन सिंह जीना 1980 के दशक से हरीश रावत के साथ जुड़े रहे हैं और मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उनके OSD भी रह चुके हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने रावत के इस्तीफे की पेशकश को ‘सहानुभूति कार्ड’ और ‘राजनीतिक ड्रामा’ करार दिया है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने ED की इस कार्रवाई के समय (टाइमिंग) पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।