मोदी-टस्क वार्ता: भारत-पोलैंड व्यापार को 10 अरब डॉलर तक ले जाने की तैयारी, रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग पर भी जोर

नई दिल्ली: भारत और पोलैंड अपने आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने 22 अक्टूबर को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार को मौजूदा करीब 6 अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। व्यापार के साथ रक्षा, अंतरिक्ष, उभरती तकनीक और निवेश इस यात्रा के प्रमुख मुद्दे हैं।
व्यापार बढ़ाने के लिए कारोबारी साझेदारी पर जोर
भारत और पोलैंड के बीच आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के लिए नई दिल्ली में भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम आयोजित किया जा रहा है। इसमें दोनों देशों के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच निवेश और व्यावसायिक साझेदारी के अवसर तलाशे जाएंगे।
पोलैंड के पूर्व राजदूत एडम बुराकोव्स्की के अनुसार, दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं
मोदी और टस्क की बातचीत में रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग भी अहम विषय हैं। दोनों देश रक्षा उद्योग में साझेदारी और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर तलाश रहे हैं।
पोलैंड के प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान 23 अक्टूबर को बेंगलुरु पहुंचेंगे। वहां वह सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। इससे दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी और कारोबारी संपर्कों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश
भारत और पोलैंड के संबंधों को अगस्त 2024 में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। मौजूदा यात्रा इसी साझेदारी को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। टस्क के साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ वार्ता में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी टस्क से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
भारत की रणनीति क्या है?
भारत के लिए पोलैंड के साथ बढ़ते संबंधों का महत्व केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। यूरोप के बाजारों में भारतीय कंपनियों की पहुंच बढ़ाना, निवेश के अवसर तलाशना और रक्षा तथा अंतरिक्ष जैसे तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करना इस सहयोग के प्रमुख पहलू हैं।
वहीं, पोलैंड के लिए भारत एक बड़ा बाजार और तकनीकी सहयोग का संभावित साझेदार है। ऐसे में दोनों देशों का लक्ष्य आर्थिक संबंधों को विस्तार देने के साथ रणनीतिक सहयोग को भी मजबूत करना है। हालांकि, 10 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को हासिल करना आने वाले समय में कारोबारी समझौतों, निवेश और नीतिगत सहयोग की प्रगति पर निर्भर करेगा।