उत्तराखंडदेहरादून

उत्तराखंड में 24 हजार करोड़ के निवेश को जमीन पर उतारने की तैयारी, जल्द होगा ग्राउंडिंग समारोह

देहरादून। उत्तराखंड में निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की दिशा में सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद अब तक प्रदेश में 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। अब अगले चरण में 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जल्द ही निवेश ग्राउंडिंग समारोह आयोजित किया जाएगा।

उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को अमलीजामा पहनाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रस्तावित समारोह के जरिए निवेश की अगली खेप को आगे बढ़ाया जाएगा।

निवेश के आंकड़ों पर सरकार ने दी सफाई

उद्योग सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया पर वैश्विक निवेशक सम्मेलन को लेकर भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में निवेश से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक हैं और संबंधित परियोजनाओं का विवरण सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है। ऐसे में निवेश की प्रगति का आकलन उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान प्रदेश में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए गए थे। इसके बाद से सरकार इन प्रस्तावों को वास्तविक निवेश में बदलने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है।

उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर

सचिव के अनुसार, उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे राज्यों से अलग हैं। प्रदेश का करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित होने के कारण औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार में पर्यावरणीय परिस्थितियों का ध्यान रखना जरूरी है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियां अधिक केंद्रित हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य की औद्योगिक नीतियों में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य निवेश बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना भी है।

छोटे कारोबार भी निवेश का हिस्सा

विनय शंकर पांडे ने कहा कि निवेश को केवल बड़े उद्योगों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। छोटे व्यवसाय भी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं। यदि कोई व्यक्ति अपनी पूंजी से छोटी दुकान या आटा चक्की शुरू करता है और इससे लोगों को रोजगार मिलता है, तो ऐसे प्रयास भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में योगदान देते हैं।

निवेशकों की सहायता के लिए सरकार ने निवेश मित्रों की व्यवस्था भी की है, ताकि परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में आवश्यक सहयोग मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!