उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर युवक की मौत ने खड़े किए सवाल, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

रहस्यमयी हालात में हुई मौत से परिवार में आक्रोश, जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

केदारनाथ यात्रा के अहम पड़ाव गौरीकुंड में 24 वर्षीय अरुण नेगी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब चर्चा में है। घटना को 20 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी जांच में ठोस प्रगति नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। परिवार ने मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक को 48 घंटे का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो एसपी कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।

परिजनों के मुताबिक, 17 जून की सुबह उन्हें जानकारी मिली थी कि अरुण नेगी का शव गौरीकुंड के पास मुनकटिया क्षेत्र में चट्टान के नीचे मिला है। मृतक के पिता आनंद सिंह नेगी का कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां उन्हें सामान्य हादसे जैसी नहीं लगीं। उनका आरोप है कि शुरुआत से ही कुछ ऐसे बिंदु सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है, लेकिन अभी तक उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

परिवार का कहना है कि घटना के बाद सोनप्रयाग थाने में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी, लेकिन लंबे समय बाद भी जांच की स्थिति को लेकर उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिल पाई है।

पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों और सभी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान के नेतृत्व में परिजन पुलिस अधीक्षक से मिले और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की मांग दोहराई। परिजनों के अनुसार, 16 जून की शाम अरुण नेगी केदारनाथ से घोड़े के जरिए गौरीकुंड के लिए रवाना हुआ था। उनके साथ उसका दोस्त तेजू भी था।

परिजनों का दावा है कि घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य सामने लाकर निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने मांग की है कि अरुण के संपर्क में रहे सभी लोगों से पूछताछ की जाए और कॉल डिटेल सहित अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।

इस दौरान स्वाभिमान मोर्चा के उपाध्यक्ष त्रिभुवन चौहान ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अवैध शराब की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर यात्रा मार्ग पर शराब की बिक्री और सेवन पर रोक है, तो फिर यात्रा पड़ावों तक शराब पहुंचने की जांच भी जरूरी है।

घने कोहरे के बीच एसडीआरएफ ने बचाई यात्री की जान

वहीं, केदारनाथ धाम क्षेत्र में एसडीआरएफ ने एक बार फिर अपनी तत्परता का परिचय देते हुए रास्ता भटके एक यात्री का सुरक्षित रेस्क्यू किया। ऊंचाई वाले इलाके में घना कोहरा, दुर्गम रास्ते और कम दृश्यता जैसी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद टीम ने तकनीकी कौशल और सूझबूझ से यात्री को खोज निकाला और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।

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