देहरादून में लाउडस्पीकर हटाने को लेकर लोगों में नाराजगी, विरोध प्रदर्शन
प्रशासन के अभियान के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन, कार्रवाई पर उठे कई सवाल।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में दून पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए बिना अनुमति और निर्धारित ध्वनि मानकों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई की। अभियान के दौरान 43 धार्मिक स्थलों से तय सीमा से अधिक ध्वनि में बज रहे लाउडस्पीकर हटाए गए। साथ ही संबंधित प्रबंधन समितियों को भविष्य में नियमों का पालन करने और उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
इस अभियान के तहत दून पुलिस ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान धार्मिक स्थलों पर लगे ध्वनि विस्तारक यंत्रों की जांच की गई। जिन स्थानों पर आवश्यक अनुमति नहीं मिली या लाउडस्पीकर निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में संचालित पाए गए, वहां उन्हें तत्काल हटवा दिया गया।
उधर, कार्रवाई के विरोध में एक समुदाय विशेष के लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल एक धर्म के धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है। उनका कहना था कि यदि ध्वनि प्रदूषण के नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, तो पुलिस वाहनों में लगे हूटरों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि कई हूटर भी निर्धारित मानकों के विपरीत उपयोग किए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि यह अभियान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के अनुपालन में चलाया गया है तथा भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।