657 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में चौंकाने वाला खुलासा, सरकारी पैसे से गर्लफ्रेंड को दिलाया आलीशान मकान और कराई विदेश यात्राएं
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मुख्य आरोपी ने जांच एजेंसी के समक्ष कुबूली धोखाधड़ी, डांसर गर्लफ्रेंड को हर महीने देता था लाखों रुपये
चंडीगढ़: हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में सरकारी विभागों के खातों से हुए करीब 657 करोड़ रुपये के चर्चित बैंक घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथ कई चौंकाने वाले सुराग लगे हैं। पड़ताल के दौरान इस पूरे मामले में एक नाटकीय मोड़ सामने आया है। बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और मुख्य आरोपी रिभव ऋषि ने स्वीकार किया है कि उसने सरकारी धन का गबन करके भारी-भरकम राशि अपनी डांसर प्रेमिका पर उड़ाई। दोनों की मुलाकात मार्च-अप्रैल 2025 में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जिसके बाद उनका संपर्क लगातार बढ़ता गया।
जांच अधिकारी को दिए गए बयान के मुताबिक, आरोपी बैंक अधिकारी ने महिला को डांस का काम छोड़ने के बदले हर महीने 10 लाख रुपये देने का वादा किया था। इसके तहत बीते छह महीनों के दौरान उसने महिला को कुल 56 लाख रुपये दिए। इतना ही नहीं, उसने दिल्ली के द्वारका इलाके में अपनी प्रेमिका के लिए करीब 4 करोड़ रुपये का एक बेहद आलीशान फ्लैट खरीदा, जिसके लिए 3.10 करोड़ रुपये की बड़ी रकम सीधे नकद में चुकाई गई थी।
पड़ताल में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने गबन किए गए पैसों के दम पर अपनी प्रेमिका को बुर्ज अल अरब, मकाऊ और थाईलैंड जैसी महंगी विदेशी जगहों की सैर कराई। सरकारी खजाने से चुराए गए इस धन से प्रेमिका को न केवल करोड़ों का घर दिलाया गया, बल्कि बेहद विलासिता पूर्ण जिंदगी भी मुहैया कराई गई। फिलहाल जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पड़ताल में जुटी हुई हैं।