उत्तराखंडदेहरादून

पीएमश्री विद्यालयों में सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम हेतु शिक्षक संदर्शिका निर्माण कार्यशाला का सफल समापन

कार्यशाला का आयोजन निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड  बन्दना गर्ब्याल की अध्यक्षता में किया गया

देहरादून, 27 जून। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत पीएमश्री विद्यालयों के लिए सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा (SEL) एवं मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 6 से 12 तक के लिए आयोजित *5 दिवसीय शिक्षक संदर्शिका निर्माण कार्यशाला* का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ

उल्लेखनीय है कि आनन्दम्’ कार्यक्रम वर्ष 2019 से राज्य के समस्त राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में शैक्षणिक सत्र *2026-27* से कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित कार्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के समग्र विकास के साथ-साथ उनमें आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक संबंध स्थापित करने तथा जिम्मेदार निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना है।       

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के सहयोग से कुल 32 गतिविधियां सृजित की गई हैं, जिनका उपयोग शिक्षक कक्षा शिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के सामाजिक-भावनात्मक कौशल विकसित करने के लिए करेंगे।

 

कार्यशाला का आयोजन निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड  बन्दना गर्ब्याल की अध्यक्षता में किया गया | इस कार्यक्रम में मुख्य समन्वयक डॉ. बी. पी. मैन्दोली, राज्य नोडल अधिकारी, पीएम श्री (SEL) रहे | इसमें एससीईआरटी एवं विभिन्न डायट के प्रवक्ताओं, पीएमश्री विद्यालयों के शिक्षकों सहित कुल 32 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यशाला के संचालन एवं तकनीकी सहयोग में लभ्य फाउंडेशन, ड्रीम ए ड्रीम तथा अमेरिकन फाउंडेशन के सदस्यों ने प्रतिभाग किया।

समापन समारोह में श्री पदमेंद्र सकलानी, अपर निदेशक, एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का सामाजिक एवं भावनात्मक विकास आज की शिक्षा का एक महत्वपूर्ण पक्ष है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व विकास, मानसिक स्वास्थ्य तथा जीवन कौशल को सशक्त बनाने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विकसित की गई गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, समानुभूति, संवाद कौशल, भावनात्मक प्रबंधन तथा सहयोगात्मक व्यवहार विकसित करने में सहायक होंगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के समग्र एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने इस शिक्षक संदर्शिका को विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने तथा विद्यार्थियों के सामाजिक, भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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