उत्तराखंड पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन का सांकेतिक विरोध शुरू, पदोन्नति आदेश जारी न होने पर अभियंताओं ने बांधी काली पट्टी

देहरादून: उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशभर के अभियंताओं ने सोमवार (22 जून 2026) को सांकेतिक विरोध आंदोलन के पहले दिन काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह विरोध उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में मुख्य अभियंता स्तर-1, मुख्य अभियंता स्तर-2 और अधीक्षण अभियंता पदों पर पदोन्नति आदेश जारी नहीं होने तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लगातार सेवा विस्तार दिए जाने के विरोध में किया गया।
एसोसिएशन का आरोप है कि 26 जुलाई 2025 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई डीपीसी के बावजूद यूपीसीएल में शेष पांच अभियंताओं के पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए गए हैं। संगठन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे अभियंताओं के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने मुख्य अभियंता स्तर-1 पद से सेवानिवृत्त हुए इं. मदन राम आर्य को दिए जा रहे लगातार सेवा विस्तार पर भी आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि इससे कनिष्ठ अभियंताओं की पदोन्नति प्रभावित हो रही है और यदि सेवा विस्तार आगे भी जारी रहा तो कई अधिकारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो सकते हैं।
एसोसिएशन ने इं. मदन राम आर्य से भी आग्रह किया है कि वे सेवानिवृत्ति स्वीकार कर कनिष्ठ अधिकारियों को पदोन्नति का अवसर प्रदान करें। संगठन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि सेवा नियमों के अनुरूप पदोन्नति प्रक्रिया सुनिश्चित कराना है।
एसोसिएशन के महासचिव इं. मुकेश कुमार ने बताया कि संगठन का यह सांकेतिक आंदोलन तय कार्यक्रम के अनुसार आगे भी जारी रहेगा।