उत्तराखंडसामाजिक

पहली बार 51 से अधिक दूल्हे एक दिन पहले करेंगे घुड़चढ़ी

समिति ने की है बारात के नाईट स्टे सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं

देहरादून

श्री श्री बालाजी सेवा समिति की ओर से हर बार की तरह इस वर्ष भी निर्धन कन्याओं का विवाह कराया जा रहा है। लेकिन इस बार इन 51 से अधिक कन्याओं की शादी में बहुत कुछ खास होगा। पहली बार समिति की ओर से दूल्हों की घुड़ चढ़ी एक दिन पहले करवा दी जाएगी। यही नही इनके साथ राजस्थानी ग्रुप, बैंड और ढोल नगाड़े भी होंगे। बारात के रात्रि विश्राम की पूरी व्यवस्था समिति की ओर से होगी।

आखिरकार साल भर में इंतजार कब बाद वो समय आ ही गया जबकि 51 से अधिक कन्याओं का विवाह एक ही मंडप पर होगा। इस संबंध में समिति पदाधिकारियो की ओर से प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर कार्यक्रम की जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि इस सामूहिक विवाह के दौरान जहाँ हर बार सुबह ही बारात निकलती थी, वहीं इस बार दूल्हों की खिज्मत अधिक हो, साथ ही अपनी परंपरा के अनुसार आयोजन हो, ये ध्यान में रखते हुए दूल्हों का नाईट स्टे कराया जा रहा है। इससे पहले ये शानदार बारात कालिका मंदिर। दर्शन लाल चौक, झंडा बाजार होते हुए शिवाजी धर्मशाला पहुँचेगी। समिति के अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि 22 दिसम्बर से शुरू होने वाले आयोजनों में इस बार उत्तराखंड की नौनी सोसायटी का विशेष सहयोग रहेगा। बताया की विवाह स्थल सहारनपुर चौक के समीप हिन्दू नेशनल इंटर कॉलेज रहेगा। जहां सबसे पहले 22 दिसम्बर को हनुमंत कृपा पात्र रसराज महाराज दिल्ली से और पूजा शर्मा रुड़की से पहुचकर संगीतमय सुंदरकांड पाठ करेंगे। 23 दिसम्बर को बारात की घुड़चढ़ी होगी और बारात फिर शिवाजी धर्मशाला में ठहरेगी। 24 दिसम्बर को स्वागत बारात, मांगल गीत, राजस्थानी नृत्य के साथ ही 51 निर्धन कन्याओ का सामूहिक विवाह संपन्न होगा। समिति के मुख्य संरक्षक श्रवण वर्मा ने बताया कि सभी कन्याओं को शादी में एक जैसा जरूरत का सामान दिया जाता है। साथ ही समिति वाले उनके मायके की पूरी भूमिका निभाते हैं। मुख्य संरक्षक रामकुमार गुप्ता ने बताया कि विवाह के पश्चात 25 दिसम्बर को श्री श्याम संकीर्तन होगा। जो कि शाम 4 बजे शुरू होगा। इस दौरान कोलकता के राज पारीक के साथ ही दिल्ली से मयूर रस्तोगी, दिल्ली से ही नरेश पुनिया और स्थानीय कलाकार होंगे। इस मौके पर ओपी गुप्ता, संजय अग्रवाल, चंद्रेश अरोड़ा, मनोज खंडेलवाल आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!