ऋषिकेश और हरिद्वार के औषधि विक्रेताओं पर एफडीए की छापेमारी, गंभीर अनियमितताएं उजागर

देहरादून :प्रदेश में नकली और सब-स्टैंडर्ड दवाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के तहत खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की क्विक रिस्पांस टीमों ने ऋषिकेश और हरिद्वार में औषधि विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की। गुरुवार को की गई इस कार्रवाई में नौ औषधि विक्रेता फर्मों का निरीक्षण किया गया, जहां गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जांच के दौरान हरिद्वार के ज्वालापुर और कनखल क्षेत्र में स्थित चार जन औषधि केंद्रों और एक अन्य प्रतिष्ठान में नियमों का घोर उल्लंघन पाया गया, जिस पर एफडीए ने तत्काल प्रभाव से दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी और इनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति कर दी गई। इसके अतिरिक्त, ऋषिकेश के नेपाली फार्म और आसपास स्थित दो अन्य औषधि विक्रेता प्रतिष्ठानों में भी अनियमितताएं मिलने पर उनके क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है और स्पष्टिकरण तलब किया गया है।
एफडीए आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देश पर गठित क्विक रिस्पांस टीम द्वारा की गई यह कार्रवाई प्रदेशभर में नकली और अनियमित दवाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की जा रही है।
छापेमारी टीम में सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. सुधीर कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनिता भारती, औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, विनोद जगुड़ी, हरीश सिंह, निधि रतूड़ी काला एवं मेघा शामिल रहे। एफडीए की यह सख्त कार्रवाई चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।