थारू जनजाति की पहली लोक गायिका रिंकू राणा की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, क्षेत्र में शोक की लहर.
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में थारू जनजाति की पहली लोक गायिका Rinku Rana की मौत हो गई। इस हादसे ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। होली के त्योहार के बीच हुई इस दुखद घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

मायके से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, Naugaja Kalyanpur की रहने वाली 33 वर्षीय रिंकू राणा गुरुवार को अपने मायके Bichpuri Khairna में होली खेलने गई थीं। दोपहर करीब 12:30 बजे वह स्कूटी से वापस अपने घर लौट रही थीं।
रास्ते में उन्होंने सड़क किनारे स्कूटी रोकी और किसी से बात करने लगीं। उसी समय तेज रफ्तार से आ रहे ईंटों से लदे एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के वक्त उनकी भतीजी जिया राणा भी उनके साथ मौजूद थी।
चालक मौके से फरार
टक्कर इतनी जोरदार थी कि रिंकू राणा गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें Sitarganj के उप जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस दुर्घटना में उनकी भतीजी को हल्की चोटें आई हैं और उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए Khatima भेज दिया गया है। पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है।
पीछे छूट गया छोटा बेटा
परिजनों के अनुसार, रिंकू राणा अपने पीछे एक छोटे बेटे को छोड़ गई हैं, जो चौथी कक्षा में पढ़ता है। अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
लोक संगीत जगत को बड़ा नुकसान
रिंकू राणा थारू जनजाति की पहली लोक गायिकाओं में से एक मानी जाती थीं। उन्होंने अपने गीतों के जरिए थारू संस्कृति और लोक परंपराओं को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी असमय मौत से लोक संगीत जगत को भी बड़ा नुकसान हुआ है।