मध्य-पूर्व में जारी भीषण तनाव का असर अब हजारों किलोमीटर दूर उत्तराखंड के देहरादून जिले के विकासनगर तक महसूस किया जा रहा है। ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध ने वहां रह रहे भारतीयों के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। विकासनगर के कई परिवार अपने प्रियजनों से संपर्क न होने के कारण बेहद बेचैन हैं।

फोन पर हुई थोड़ी बात, फिर अचानक संपर्क टूट गया
विकासनगर ब्लॉक के अंबाड़ी गांव निवासी अयूब खान का भतीजा अली हैदर अपनी पत्नी के साथ ईरान में पढ़ाई कर रहा है। दोनों क़ुम स्थित इस्लामिक विश्वविद्यालय में छात्र हैं। क़ुम शहर ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 100 किलोमीटर दूर है।
अयूब खान बताते हैं कि तीन दिन पहले उनकी अली हैदर से फोन पर बात हुई थी। उस दौरान उसने बताया कि हालात तनावपूर्ण हैं, लेकिन फिलहाल क़ुम में स्थिति ज्यादा खराब नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि वे लोग भारतीय दूतावास से आने वाली सूचनाओं का इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि इसके बाद से फोन संपर्क पूरी तरह से टूट गया। इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय कॉल सेवाएं बंद होने के कारण परिवारों की चिंता और बढ़ गई है।
“हम सुरक्षित हैं” कहकर कट गई कॉल
इसी इलाके के जाकिर हुसैन की बेटी भी ईरान में रहती है। वह वहां की नागरिक है और अपने परिवार के साथ रह रही है। जाकिर हुसैन बताते हैं कि कुछ दिन पहले उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी।
उन्होंने कहा, “बेटी ने बस इतना कहा कि हम लोग सुरक्षित हैं, आप चिंता मत करो।”
लेकिन इसके तुरंत बाद फोन कॉल कट गई। तब से उनका फोन बंद आ रहा है और कोई संपर्क नहीं हो पा रहा।
युद्ध का दायरा बढ़ने से बढ़ी चिंता
ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब पूरे मिडिल ईस्ट में दिखाई दे रहा है। हालिया हमलों में ईरान के कई सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। वहीं रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
इन परिस्थितियों में विदेशों में रह रहे भारतीयों के परिवार हर पल अपने अपनों की सलामती की खबर का इंतजार कर रहे हैं।
हर फोन कॉल का इंतजार
विकासनगर के इन परिवारों के लिए फिलहाल हर बीतता पल भारी है। वे बस यही उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही फोन बजे और दूसरी तरफ से अपने प्रियजनों की आवाज सुनाई दे।