उत्तराखंड के Haldwani में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऊंचापुल चौराहे के पास स्थित दो बड़ी इमारतों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि सड़क को चौड़ा कर यातायात को सुचारु बनाया जा सके।

बताया जा रहा है कि ये दोनों इमारतें सड़क की जद में आ रही थीं और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई थीं। प्रशासन ने पहले ही भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बुलडोजर से कार्रवाई शुरू कर दी।
इस ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट A P Vajpayee और नगर आयुक्त Paritosh Verma खुद मौके पर मौजूद रहे। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
प्रशासन के अनुसार, दोनों इमारतें काफी बड़ी और बहुमंजिला हैं, इसलिए इन्हें गिराने में समय लग रहा है। संभावना जताई जा रही है कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया कई दिनों तक चल सकती है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ऊंचापुल चौराहे पर सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा।

दरअसल, हल्द्वानी शहर में पिछले कुछ समय से ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन गया है। खासकर प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में वाहनों की संख्या बढ़ने से लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन का मानना है कि सड़क चौड़ी होने से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और जाम की समस्या से काफी राहत मिलेगी।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लें, ताकि सख्ती की जरूरत न पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लोग खुद अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो प्रशासन को मजबूरन इसी तरह की कार्रवाई करनी पड़ेगी।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में हल्द्वानी के अन्य इलाकों में भी जहां सड़क चौड़ीकरण में अतिक्रमण बाधा बन रहा है, वहां इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इससे शहर के विकास कार्यों को गति देने और यातायात व्यवस्था सुधारने में मदद मिलने की उम्मीद है।