बड़ी राहत: 42 हजार टन LPG लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुँचा ‘जग वसंत’, देश में थमेगी रसोई गैस की किल्लत.

कांडला (गुजरात) | 27 मार्च, 2026 पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला विशाल एलपीजी टैंकर ‘जग वसंत’ (Jag Vasant) शुक्रवार तड़के गुजरात के कांडला पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुँच गया है। यह जहाज अपने साथ लगभग 42,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आया है, जिससे देश में घरेलू गैस की सप्लाई में तेजी आने की उम्मीद है।
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हॉर्मुज जलडमरूमध्य की बाधाओं को किया पार
यह खेप ऐसे समय में आई है जब ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) जैसा महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग लगभग बंद है। ‘जग वसंत’ उन चुनिंदा जहाजों में शामिल था जो इस क्षेत्र में फंसे हुए थे। भारतीय नौसेना के कड़े पहरे और कूटनीतिक प्रयासों के बाद, इस जहाज ने सुरक्षित रूप से भारतीय तट तक का सफर तय किया।
मिड-सी ट्रांसफर से होगी जल्द अनलोडिंग
कांडला पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, गैस की आपूर्ति में देरी को कम करने के लिए ‘मिड-सी ट्रांसफर’ (Mid-Sea Transfer) तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
क्या है प्रक्रिया: इसमें समुद्र के बीच में ही बड़े टैंकर से गैस को छोटे जहाजों या सीधे पोर्ट की पाइपलाइन सुविधाओं तक पहुँचाया जाता है।
फायदा: इससे जहाज को बर्थिंग (किनारे लगने) के इंतजार में समय बर्बाद नहीं करना पड़ता और गैस तेजी से डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तक पहुँच जाती है।
सप्लाई चेन को मिलेगी मजबूती
हाल के हफ्तों में लाल सागर और खाड़ी देशों में संघर्ष की वजह से भारत में एलपीजी की कमी की आशंका जताई जा रही थी। ‘जग वसंत’ के आने से:
सिलेंडर की कमी दूर होगी: इस एक खेप से लाखों घरेलू सिलेंडरों की रिफिलिंग सुनिश्चित होगी।
कीमतों पर नियंत्रण: आपूर्ति सुचारू होने से बाजार में कीमतों के स्थिर रहने की संभावना है।
अन्य जहाज भी कतार में: ‘जग वसंत’ के अलावा ‘पाइन गैस’ नामक एक और टैंकर भी जल्द ही भारतीय बंदरगाह पर पहुँचने वाला है, जो लगभग 45,000 टन LPG ला रहा है।
विशेषज्ञ की राय: “पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारतीय जहाजों का सुरक्षित पहुँचना हमारी ‘ऊर्जा सुरक्षा’ (Energy Security) की जीत है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।”