
देहरादून।
डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी स्थित न्यू ऑडिटोरियम में “ए आई बियोंड बाउंड्रीज फ्रॉम स्मार्ट इंडस्ट्री टू स्पेस एक्सप्लोरेशन” विषय पर एआई समिट 2026 का सफल आयोजन किया। इस समिट ने शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के व्यापक प्रभाव और संभावनाओं पर सार्थक चर्चा का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. राजीव मिश्रा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, आईआईटी पटना रहे। उन्होंने अपने संबोधन में एआई की बढ़ती भूमिका और भविष्य की तकनीकों को आकार देने में इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला तथा जिम्मेदार नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया।

समिट में प्रमुख वक्ताओं के रूप में डॉ. सौरभ महेश्वरी, सीए मनमीत सिंह मेहता, एल्ड्रिन कैस्टेलिनो एवं अमरीश कुमार शर्मा ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने AI के विभिन्न क्षेत्रों जैसे उद्योग, डेटा एनालिटिक्स, कंसल्टिंग और उभरती तकनीकों में, इसके उपयोग और संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) द्वारा प्रायोजित इस आयोजन में नैतिक और जिम्मेदार एआई पर विशेष जोर दिया गया। इसमें एआई गवर्नेंस, पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, अंतरिक्ष अनुसंधान में एआई के उपयोग जैसे सौर गतिविधियों का विश्लेषण, स्पेस वेदर मॉनिटरिंग और कॉस्मिक घटनाओं के पूर्वानुमान जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इस समिट का उद्देश्य सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करना था। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को उद्योग की कार्यप्रणालियों, उभरती तकनीकों और अंतर्विषयक दृष्टिकोण से परिचित कराया गया। प्रतिभागियों को एआई को केवल एक तकनीकी उपकरण के रूप में नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में समझने के लिए प्रेरित किया गया, जिसके सामाजिक, कानूनी और नैतिक प्रभाव भी हैं।
समिट में कुल 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 30 उद्योग विशेषज्ञ शामिल थे। इन विशेषज्ञों ने अपने अनुभवों और व्यावहारिक दृष्टिकोण के माध्यम से प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर वाईस चांसलर, डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी, प्रो. (डॉ.) संजय जसोला ने अपने संदेश में कहा कि, “एआई समिट 2026 जैसे आयोजन विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारा उद्देश्य केवल तकनीकी ज्ञान देना नहीं, बल्कि छात्रों में नवाचार, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।”
यह आयोजन डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने और नवाचार को बढ़ावा देने के
लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति में डॉ. पियूष दुआ, प्रो. मनीषा वर्मा, प्रो. नेहा रस्तोगी, डॉ. सुमेघ थरवेल, प्रो. मुकेश श्रीवास्तव, डॉ. चंद्रशेखर, डॉ. रश्मि नेगी तथा अन्य फैकल्टी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।