उत्तराखंड सचिवालय की सत्ता पाने को मचा दंगल, कर्मियों में तेज हुई अंदरूनी जंग
उत्तराखंड सचिवालय में इन दिनों कुर्सी की जोरदार लड़ाई देखने को मिल रही है. कर्मचारियों में पदों पर कब्जा करने का प्रयास जारी है.

उत्तराखंड सचिवालय इन दिनों फाइलों और सरकारी बैठकों से ज्यादा चुनावी चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। सचिवालय के भीतर सचिवालय संघ चुनाव को लेकर माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा दिखाई दे रहा है. हर तरफ प्रचार, रणनीति, गुटबाजी और वादों की गूंज सुनाई दे रही है. सचिवालय के गलियारों में कर्मचारी हाथों में पंपलेट, स्टीकर और चुनावी अपील लिए घूमते दिखाई दे रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि सचिवालय किसी विश्वविद्यालय परिसर की तरह नजर आने लगा है, जहां हर प्रत्याशी अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है.
दरअसल, सचिवालय संघ के चुनाव को लेकर इस समय सचिवालय के भीतर जबरदस्त चुनावी दंगल देखने को मिल रहा है. अलग-अलग पदों के लिए कर्मचारी नेता मैदान में उतर चुके हैं और वोटरों को साधने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. सचिवालय राज्य की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक संस्था मानी जाती है, जहां प्रदेश की योजनाओं और नीतियों की रूपरेखा तैयार होती है. लेकिन इन दिनों यहां प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ चुनावी हलचल भी पूरे चरम पर दिखाई दे रही है.सचिवालय के विभिन्न अनुभागों से लेकर सचिवों के पीएस कार्यालयों तक चुनाव प्रचार तेज हो चुका है. प्रत्याशी और उनके समर्थक कर्मचारियों के बीच पहुंचकर अपने पक्ष में समर्थन मांग रहे हैं.
कोई कर्मचारियों की सुविधाओं का मुद्दा उठा रहा है तो कोई प्रमोशन, वेतन आयोग और कार्यस्थल की समस्याओं को चुनावी हथियार बना रहा है. यही वजह है कि सचिवालय के भीतर इस समय हर चर्चा चुनाव के इर्द-गिर्द घूमती दिखाई दे रही है.इस चुनाव में अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महिला उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, संयुक्त सचिव, प्रचार सचिव और संप्रेक्षक जैसे कई महत्वपूर्ण पदों के लिए मुकाबला हो रहा है. कई कर्मचारी नेता इन पदों पर अपनी दावेदारी ठोक चुके हैं और अपने-अपने समर्थकों के जरिए चुनावी समीकरण साधने में जुटे हुए हैं. चुनाव अधिकारी मस्तू दास की ओर से चुनाव कार्यक्रम पहले ही जारी किया जा चुका है. नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब सभी प्रत्याशी चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में जुटे हैं.